यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हस्तिनापुर में भगवान शांतिनाथ की करोड़ों की मूर्ति लूटकर ले गए बदमाश
जम्बूदीप से एक किलोमीटर दूर प्रथम निशियाजी स्थित दिगंबर जैन मंदिर में श्रद्धालु बनकर आए दो बदमाशों ने भगवान शांतिनाथ ...और पढ़ें

हस्तिनापुर (मेरठ)। जम्बूदीप से एक किलोमीटर दूर प्रथम निशियाजी स्थित दिगंबर जैन मंदिर में श्रद्धालु बनकर आए दो बदमाशों ने भगवान शांतिनाथ की अष्टधातु की मूर्ति लूट ली और फायरिंग करते हुए फरार हो गए। मूर्ति की कीमत करोड़ों में बताई जा रही है।
मंगलवार सुबह लगभग नौ बजे श्रद्धालु बनकर आए दो युवक मंदिर की पहली मंजिल पर पहुंचे। उस वक्त वहां पर पांच कर्मचारी मौजूद थे और अपने काम में व्यस्त थे। श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा था। अचानक कांच टूटने की आवाज सुनकर कर्मचारी दौड़े तो दोनों बदमाश सिंहासन से भगवान शांतिनाथ की अष्टधातु की मूर्ति लेकर पहली मंजिल से कूदकर बाहर बाइक लिए खड़े तीसरे साथी के साथ गंग नहर पटरी की ओर भागने लगे। कर्मचारियों ने पीछा कर उनपर ईट पत्थर फेंके तो बदमाश फायरिंग करते हुए फरार हो गए। दिनदहाड़े मूर्ति लूटने की सूचना मिलते ही जैन समाज के सैंकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए और लुटेरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया। थाने पहुंचे समाज के लोगों ने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की साथ ही आरोप लगाया कि सूचना के कई घंटे बाद भी पुलिस का कोई अफसर मौके पर नहीं पहुंचा। बुधवार सुबह तक मूर्ति बरामद न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
जैन समाज के लोगों ने बताया कि मूर्ति काफी पुरानी थी और इसकी कीमत करोड़ों में है।
