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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Pradosh Vrat पर पूजा के समय करें भगवान शिव के नामों का जप, दूर हो जाएंगे सभी संकट

Published: Sun, 31 Aug 2025 06:22 PM (IST)

शुक्रवार का दिन (Shukra Pradosh Vrat 2025) धन की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित है। इस दिन मां लक्ष्मी की ...और पढ़ें

Shukra Pradosh Vrat 2025: भगवान शिव को कैसे प्रसन्न करें?
Shukra Pradosh Vrat 2025: भगवान शिव को कैसे प्रसन्न करें?

HighLights

  1. त्रयोदशी तिथि भगवान शिव को समर्पित है।
  2. इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है।
  3. भगवान शिव की पूजा से हर इच्छा पूरी होती है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, शुक्रवार 05 सितंबर को प्रदोष व्रत है। शुक्रवार के दिन पड़ने के चलते यह शुक्र प्रदोष व्रत कहलाएगा। इस शुभ अवसर पर शिव-शक्ति की पूजा करने से अन्न और धन के भंडार रहते हैं। साथ ही मानसिक और शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।

धार्मिक मत है कि शुक्रवार के दिन जगत जननी आदिशक्ति देवी मां पार्वती और उनके रूपों की पूजा करने से साधक के सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। साथ ही घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। अगर आप भी शिव-शक्ति की कृपा पाना चाहते हैं, तो शुक्र प्रदोष व्रत के दिन पूजा के समय शिवजी के नामों का जप करें।

भगवान शिव के 108 नाम

  • ॐ महाकाल नमः
  • ॐ रुद्रनाथ नमः
  • ॐ भीमशंकर नमः
  • ॐ नटराज नमः
  • ॐ प्रलेयन्कार नमः
  • ॐ चंद्रमोली नमः
  • ॐ डमरूधारी नमः
  • ॐ चंद्रधारी नमः
  • ॐ भोलेनाथ नमः
  • ॐ कैलाश पति नमः
  • ॐ भूतनाथ नमः
  • ॐ नंदराज नमः
  • ॐ नन्दी की सवारी नमः
  • ॐ ज्योतिलिंग नमः
  • ॐ मलिकार्जुन नमः
  • ॐ भीमेश्वर नमः
  • ॐ विषधारी नमः
  • ॐ बम भोले नमः
  • ॐ विश्वनाथ नमः
  • ॐ अनादिदेव नमः
  • ॐ उमापति नमः
  • ॐ गोरापति नमः
  • ॐ गणपिता नमः
  • ॐ ओंकार स्वामी नमः
  • ॐ ओंकारेश्वर नमः
  • ॐ शंकर त्रिशूलधारी नमः
  • ॐ भोले बाबा नमः
  • ॐ शिवजी नमः
  • ॐ शम्भु नमः
  • ॐ नीलकंठ नमः
  • ॐ महाकालेश्वर नमः
  • ॐ त्रिपुरारी नमः
  • ॐ त्रिलोकनाथ नमः
  • ॐ त्रिनेत्रधारी नमः
  • ॐ बर्फानी बाबा नमः
  • ॐ लंकेश्वर नमः
  • ॐ अमरनाथ नमः
  • ॐ केदारनाथ नमः
  • ॐ मंगलेश्वर नमः
  • ॐ अर्धनारीश्वर नमः
  • ॐ नागार्जुन नमः
  • ॐ जटाधारी नमः
  • ॐ नीलेश्वर नमः
  • ॐ जगतपिता नमः
  • ॐ मृत्युन्जन नमः
  • ॐ नागधारी नमः
  • ॐ रामेश्वर नमः
  • ॐ गलसर्पमाला नमः
  • ॐ दीनानाथ नमः
  • ॐ सोमनाथ नमः
  • ॐ जोगी नमः
  • ॐ भंडारी बाबा नमः
  • ॐ बमलेहरी नमः
  • ॐ गोरीशंकर नमः
  • ॐ शिवाकांत नमः
  • ॐ महेश्वराए नमः
  • ॐ महेश नमः
  • ॐ संकटहारी नमः
  • ॐ महेश्वर नमः
  • ॐ रुंडमालाधारी नमः
  • ॐ जगपालनकर्ता नमः
  • ॐ पशुपति नमः
  • ॐ संगमेश्वर नमः
  • ॐ दक्षेश्वर नमः
  • ॐ घ्रेनश्वर नमः
  • ॐ मणिमहेश नमः
  • ॐ अनादी नमः
  • ॐ अमर नमः
  • ॐ आशुतोष महाराज नमः
  • ॐ विलवकेश्वर नमः
  • ॐ अचलेश्वर नमः
  • ॐ ओलोकानाथ नमः
  • ॐ आदिनाथ नमः
  • ॐ देवदेवेश्वर नमः
  • ॐ प्राणनाथ नमः
  • ॐ शिवम् नमः
  • ॐ महादानी नमः
  • ॐ शिवदानी नमः
  • ॐ अभयंकर नमः
  • ॐ पातालेश्वर नमः
  • ॐ धूधेश्वर नमः
  • ॐ सर्पधारी नमः
  • ॐ त्रिलोकिनरेश नमः
  • ॐ हठ योगी नमः
  • ॐ विश्लेश्वर नमः
  • ॐ नागाधिराज नमः
  • ॐ सर्वेश्वर नमः
  • ॐ उमाकांत नमः
  • ॐ बाबा चंद्रेश्वर नमः
  • ॐ त्रिकालदर्शी नमः
  • ॐ त्रिलोकी स्वामी नमः
  • ॐ महादेव नमः
  • ॐ गढ़शंकर नमः
  • ॐ मुक्तेश्वर नमः
  • ॐ नटेषर नमः
  • ॐ गिरजापति नमः
  • ॐ भद्रेश्वर नमः
  • ॐ त्रिपुनाशक नमः
  • ॐ निर्जेश्वर नमः
  • ॐ किरातेश्वर नमः
  • ॐ जागेश्वर नमः
  • ॐ अबधूतपति नमः
  • ॐ भीलपति नमः
  • ॐ जितनाथ नमः
  • ॐ वृषेश्वर नमः
  • ॐ भूतेश्वर नमः
  • ॐ बैजूनाथ नमः
  • ॐ नागेश्वर नमः

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