Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Shivling Puja: सोमवार को ऐसे करें शिवलिंग का अभिषेक, सभी संकटों से मिलेगी मुक्ति

    Updated: Sun, 23 Jun 2024 05:01 PM (IST)

    हिंदू धर्म में शिवलिंग (Shivling Puja) की पूजा भगवान शिव के ही स्वरूप में की जाती है। मान्यता है कि सच्चे मन से शिवलिंग की पूजा करने से शिव प्रसन्न होते हैं। साथ ही सभी रोग से छुटकारा मिलता है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। ऐसे में आइए जानते हैं सोमवार के दिन शिवलिंग की पूजा किस तरह करनी चाहिए?

    Hero Image
    Shivling Puja: सोमवार को ऐसे करें शिवलिंग का अभिषेक, सभी संकटों से मिलेगी मुक्ति

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Shivling Puja: भगवान शिव का स्वरूप अधिक दिव्य और पवित्र है। हिंदू धर्म में सोमवार का दिन देवों के देव महादेव को प्रिय है। इसलिए सोमवार के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही जीवन के संकटों को दूर करने के लिए व्रत भी किया जाता है। पूजा के दौरान शिवलिंग पर विशेष चीजें अर्पित करनी चाहिए।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

     

    यह भी पढ़ें: Shiv Nandi: कौन हैं कैलाश के द्वारपाल नंदी और कैसे बनें देवों के देव महादेव की सवारी?

    इस विधि से करें शिवलिंग का अभिषेक

    • सोमवार के दिन सुबह स्नान करें और सूर्य देव को जल अर्पित करें।
    • इसके बाद दही, दूध, शहद, घी और गंगाजल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
    • अब शिवलिंग पर बेलपत्र, मोली, अक्षत, फल, पान, सुपारी अर्पित करें।
    • घी का दीपक जलाकर महादेव की आरती करें और विशेष मंत्रों का जाप करें।
    • भगवान शिव को फल, मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाएं।
    • इसके पश्चात लोगों में प्रसाद का वितरण करें।
    • अंत में गरीब लोगों में अन्न और धन का दान करें।

    पूजा के दौरान इन मंत्रों का करें जप

    महामृत्युंजय मंत्र

    • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

    शिव स्तुति मंत्र

    • द: स्वप्नदु: शकुन दुर्गतिदौर्मनस्य, दुर्भिक्षदुर्व्यसन दुस्सहदुर्यशांसि। उत्पाततापविषभीतिमसद्रहार्ति, व्याधीश्चनाशयतुमे जगतातमीशः।।

    शिव गायत्री मंत्र

    • ऊँ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि, तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्।

    शिव आरोग्य मंत्र

    • माम् भयात् सवतो रक्ष श्रियम् सर्वदा। आरोग्य देही में देव देव, देव नमोस्तुते।।
    • ओम त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।

    श‍िव नामावली मंत्र

    • श्री शिवाय नम:
    • श्री शंकराय नम:
    • श्री महेश्वराय नम:
    • श्री सांबसदाशिवाय नम:
    • श्री रुद्राय नम:
    • ओम पार्वतीपतये नम:
    • ओम नमो नीलकण्ठाय नम:

    यह भी पढ़ें: Yogini Ekadashi 2024: योगिनी एकादशी पर बन रहे हैं ये शुभ योग, पूजा का मिलेगा दोगुना लाभ

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।