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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lord Shiv Puja: काम में बार- बार आ रहे विघ्न को दूर करने के लिए ऐसे करें भगवान शिव की पूजा, बदल जाएगी किस्मत

By Vaishnavi DwivediEdited By: Vaishnavi Dwivedi
Published: Sun, 26 Nov 2023 03:28 PM (IST)Updated: Mon, 27 Nov 2023 07:00 AM (IST)

Shiv Puja सोमवार के दिन भोलेनाथ की पूजा समर्पण के साथ करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। साथ ही ...और पढ़ें

भगवान शिव की पूजा इस विधि से करें
भगवान शिव की पूजा इस विधि से करें

HighLights

  1. भगवान शिव की पूजा को शास्त्रों में बेहद शुभकारी माना गया है।
  2. शिव जी को औघड़दानी के नाम से भी जाना जाता है।
  3. भगवान शिव की पूजा के लिए सोमवार का दिन समर्पित है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Shiv Ji Ki Arti: भगवान शिव की पूजा को शास्त्रों में बेहद शुभकारी माना गया है। ऐसा कहा जाता है, जो भक्त भोलेनाथ की पूजा सच्ची श्रद्धा के साथ करते हैं उन्हें जीवन के हर संकटों से छुटकारा मिल जाता है। ऐसा कहा जाता है, जो किस्मत में न भी लिखा हो उसे देने की क्षमता महादेव रखते हैं। इसी वजह से उन्हें औघड़दानी के नाम से भी जाना जाता है। भगवान शिव की पूजा के लिए सोमवार का दिन समर्पित है।

इस दिन जो जातक उनकी आराधना भक्ति भाव के साथ करते हैं उन्हें वो हर चीज प्राप्त होती है, जिसकी वो कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवार के दिन किसी भी शिव मंदिर जाएं और वहां जाकर शिव जी का अभिषेक करें और उन्हें बेल पत्र अर्पित करें। अंत में पूजा का समापन शिव जी की कपूर आरती से करें, जो इस प्रकार है-

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॥ शिव जी की आरती ॥

शिव मात पिता, शिव बंधू सखा, शिव चरणों में।

कोटि कोटि प्रणाम, शिव चरणों में, कोटि कोटि प्रणाम।।

जिनका तो ना आदि, ना अंत पता, भक्तो पे दया।

जो करते सदा, शिव मात पितां, शिव बंधू सखा, शिव चरणों में, कोटि कोटि प्रणाम।।

वृषगामी जो, बाघाम्बर है धरे, अनादि अनंत से, जो है परे।

शिव मात पितां, शिव बंधू सखा, शिव चरणों में, कोटि कोटि प्रणाम।।

अमृत को नहीं, विष पान किया, अभयदान है, भक्त जनों को दिया।

शिव मात पितां, शिव बंधू सखा, शिव चरणों में, कोटि कोटि प्रणाम।।

गौरा नंदन, श्री गणेश कहे, जलधारा जिनके, शीश बहे।

शिव मात पितां, शिव बंधू सखा, शिव चरणों में, कोटि कोटि प्रणाम।।

शिव मात पिता, शिव बंधू सखा, शिव चरणों में,

कोटि कोटि प्रणाम, शिव चरणों में, कोटि कोटि प्रणाम।।

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