Shardiya Navratri 2026: हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा, देश-दुनिया और 12 राशियों पर क्या होगा प्रभाव?
शारदीय नवरात्र 2026 में मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा, जो 11 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। यह ...और पढ़ें

कल से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र 2026 (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र की अवधि को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर से हो रही है। मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के वाहन को लेकर भक्तों में खास उत्सुकता रहती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान का वाहन सप्ताह के वार से तय होते हैं। शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां दुर्गा का हाथी पर आगमन सुख-समृद्धि एवं ऐश्वर्य का प्रतीक होता है। ऐसा माना जाता है कि मां दुर्गा के हाथी पर आगमन देश-दुनिया के साथ-साथ प्रकृति और जनजीवन से जुड़े कई संकेत देता है। इस बात को जानकर आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा कि शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा, तो देश, दुनिया और राशियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार बताते हैं इसके बारे में विस्तार से।
एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार, शास्त्रों में मान्यता है कि जब नवरात्र का आरंभ रविवार या सोमवार के दिन होता है, तो मां दुर्गा का वाहन हाथी होता है। इस बार शारदीय नवरात्र का आरंभ रविवार के दिन होने के कारण मां दुर्गा का आगमन गज (हाथी) की सवारी पर हो रहा है।
देश, दुनिया और पर्यावरण पर प्रभाव
सुख और समृद्धि: गज वाहन को अति शुभ, शांति और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। इसके प्रभाव से अच्छी वर्षा होती है, कृषि उत्पादकता में वृद्धि होती है और अर्थव्यवस्था में मजबूती आती है।
सामाजिक संतुलन: देश में समृद्धि का विस्तार होता है और सामाजिक स्तर पर संतुलन बेहतर बनता है।
सभी 12 राशियों पर प्रभाव
हाथी पर मां दुर्गा का यह आगमन सभी 12 राशियों के जातकों के लिए सुख, ऐश्वर्य, मानसिक स्थिरता और कार्य-सिद्धि का शुभ संकेत लेकर आया है। मां भगवती की असीम कृपा से सभी जातकों के जीवन में सकारात्मकता का संचार होगा और अटके हुए कार्य पूर्ण होंगे।
शारदीय नवरात्र घटस्थापना 2026 मुहूर्त (Shardiya Navratri 2026 Ghatasthapana Muhurat)
शारदीय नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शुभ मुहूर्त में घटस्थापना करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
घटस्थापना मुहूर्त: 11 अक्टूबर, सुबह 06 बजकर 19 मिनट से 10 बजकर 12 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक
प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 10 अक्टूबर, रात 09 बजकर 19 मिनट
प्रतिपदा तिथि समाप्त: 11 अक्टूबर, रात 08 बजकर 34 मिनट
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