11 अक्टूबर से शुरू होंगे शारदीय नवरात्र, व्रत रखने से पहले पढ़ें क्या खाएं और क्या छोड़ेंं
शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं, जिसमें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाएगी। व्रत ...और पढ़ें
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शारदीय नवरात्र व्रत में क्या खाएं? (Picture Credit- AI Generated)

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, मां दुर्गा की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri 2026) की शुरुआत 11 अक्टूबर से हो रही है। इस पर्व को देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवधि के दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए व्रत भी किया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां दुर्गा की पूजा और व्रत करने से भक्त को सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है और जीवन में आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं।
व्रत के दौरान खानपान से जुड़े नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन नियमों को नजरअंदाज करने से व्रत टूट सकता है और मां दुर्गा नाराज हो सकती हैं। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि शारदीय नवरात्र व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं।
शारदीय नवरात्र व्रत में क्या न खाएं?
- अगर आप शारदीय नवरात्र का व्रत रख रहे हैं, तो जान लें कि व्रत में किन चीजों को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए।
- व्रत के दौरान गेहूं और किसी भी प्रकार की दाल का सेवन न करें।
- प्याज, लहसुन, अंडा, मांस-मछली और शराब का सेवन सख्त वर्जित है।
- व्रत में बैंगन, कटहल, मशरूम और भिंडी जैसी सब्जियों का सेवन करने से बचना चाहिए।
शारदीय नवरात्र व्रत में क्या खाएं?
- व्रत के दौरान शुद्ध और सात्विक भोजन का सेवन करना चाहिए।
- व्रत में कुट्टू और सिंघाड़े के आटे की रोटी या पूरी खा सकते हैं।
- इसके अलावा समा के चावल या साबूदाने की खिचड़ी और फल का भी सेवन किया जा सकता है।
- साथ ही दूध, दही, पनीर, छाछ और लस्सी का भी सेवन कर सकते हैं।
- व्रत में साधारण नमक की जगह केवल सेंधा नमक खाया जाता है।
भूलकर भी न करें ये काम
शारदीय नवरात्र व्रत के दौरान कुछ कामों को करने से बचना चाहिए, जैसे- बाल, दाढ़ी-मूंछ और नाखून काटना। ऐसा माना जाता है कि इन कामों को करने से जीवन में अशुभ परिणाम मिलते हैं और मां दुर्गा नाराज हो सकती हैं। साथ ही पूजा के दौरान चमड़े से बनी चीजों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसके अलावा अगर आपने घर में कलश स्थापना की है या माता की अखंड ज्योति जलाई है, तो घर को कभी भी सूना या खाली न छोड़ें।
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