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11 अक्टूबर से शुरू हो रहे नवरात्र, 9 दिनों तक क्यों जलाई जाती है 'अखंड ज्योति'? पहले ही जान लें जरूरी नियम

Published: Fri, 25 Sep 2026 11:10 AM (IST)

11 अक्टूबर से नवरात्र की शुरुआत हो रही है। इस मौके पर घर में अखंड ज्योति जलाने का बड़ा महत्व ...और पढ़ें

अखंड ज्योति जलाने के फायदे (AI-Generated Image)

अखंड ज्योति जलाने के फायदे (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। 11 अक्टूबर से नवरात्र के पावन दिन की शुरूआत हो रही है। यह 9 दिन मां अंबे का आशीर्वाद पाने का सबसे खास दिन होता है। घरों से लेकर मंदिरों तक, हर जगह माता के स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं। नवरात्र की पूजा में सबसे खास चीज जो आपको लगभग हर पंडाल और घर में देखने को मिलेगी, वो है 'अखंड ज्योति'।

क्या आपने कभी सोचा है कि हिंदू धर्म में पूरे 9 दिनों तक दिन-रात जलने वाले इस दीपक का इतना महत्व क्यों है? तो नवरात्र की शुरुआत से पहले ही समझते हैं इसके पीछे की मान्यताएं, नियम और चमत्कारी फायदे।

क्यों मानी जाती है अखंड ज्योति इतनी पावरफुल?

'अखंड' का सीधा सा मतलब है जो कभी न टूटे या न रुके। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के पहले दिन जलाई जाने वाली यह ज्योति माता रानी के साक्षात आपके घर में विराजमान होने का प्रतीक मानी जाती है। बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि जहां अखंड ज्योति जलती है, वहां ऊर्जा और सकारात्मकता का वास होता है। इसकी रोशनी से निगेटिविटी (Negative Energy) घर के दरवाजे से ही लौट जाती है। असल में इसे देवी दुर्गा की शक्ति का ही एक रूप माना गया है। कुछ लोग दीपावली पर भी अखंड दीप जलाते हैं।

हमारी प्राचीन पूजा-पद्धतियों और कर्मकांड के मुख्य ग्रंथों में दीप प्रज्वलन मंत्र मिलता है, जिसे हम अखंड ज्योति जलाते समय पढ़ते हैं-

शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यम् धनसंपदा।
शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योति नमोऽस्तुते॥

दीपो ज्योति परं ब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दन:।
दीपो हरतु मे पापं संध्यादीप नमोऽस्तुते॥

पहली दो लाइन का अर्थ है- दीपक की पवित्र ज्योति! आप हमारे जीवन में शुभ और कल्याण करने वाली हैं। आप हमें अच्छा स्वास्थ्य और धन प्रदान करें। मेरे अंदर के बुरे विचारों और निगेटिविटी का नाश करने वाली हे दीप ज्योति, मैं आपको नमस्कार करता हूं।

आखिरी दो लाइनों का अर्थ- दीपक की यह रोशनी साक्षात परब्रह्म (परमात्मा) का रूप हैं। यह ज्योति भगवान का ही स्वरूप है। हे दीपक देवता, आप मेरे सभी पापों और अज्ञान के अंधेरे को दूर करें, ऐसी दीप ज्योति को मेरा बार-बार नमस्कार है।

अखंड ज्योति जलाने का सही तरीका

  • इस दीपक को हमेशा शुद्ध देसी घी या फिर तिल के तेल से जलाना शुभ माना जाता है।
  • दीपक जलाने से पहले एक संकल्प लिया जाता है, जिसमें आप माता रानी से पूरे 9 दिन इस ज्योति को जलाए रखने का वचन देते हैं।
  • इस बात का खास खयाल रखना होता है कि दीपक में समय-समय पर घी या तेल डालते रहें ताकि लौ किसी भी हालत में न बुझे।

इन बातों का जरूर रखें ध्यान

  • दीपक को घर में ऐसी जगह रखें जहां सीधे हवा न आती हो। दीप न बुझे इसके लिए आप कांच के कवर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • परंपराओं के अनुसार, अखंड ज्योति का बीच में बुझ जाना अच्छा संकेत नहीं माना जाता, इसलिए इसकी बहुत देखभाल करनी पड़ती है।
  • सबसे जरूरी नियम है कि अगर आपने घर में ज्योति जलाई है, तो घर पर ताला नहीं लगना चाहिए। परिवार का कोई न कोई सदस्य हमेशा घर पर मौजूद होना चाहिए।
  • ऐसा माना जाता है कि पूरे 9 दिन सच्चे मन से इस ज्योति की देखभाल करने से घर की सारी परेशानियां दूर होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।