गणेश जी की आरती उतारने का क्या है सही तरीका? जानिए कितनी बार और किस दिशा में घुमाएं दीपक
गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की आरती करने का सही तरीका बताया गया है, जिसमें दीपक घुमाने की दिशा और ...और पढ़ें

भगवान गणेश जी की आरती के नियम (Picture Credit: AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी का महापर्व (ganesh chaturthi 2026) भगवान गणेश को समर्पित है। इस अवसर पर लोग अपने घरों में भगवान गणेश की स्थापना करते हैं और विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
पूजा का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है जब बप्पा की विधिपूर्वक आरती की जाए। ऐसा माना जाता है कि गणेश जी की आरती करने से भक्त को जीवन में शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। आरती के दौरान कुछ गलतियों को करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे गणेश जी नाराज हो सकते हैं। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते हैं कि गणेश चतुर्थी के दिन गणपति बप्पा की आरती कैसे करें।
कैसे करें बप्पा की आरती?
भगवान गणेश की आरती करते समय दीपक को हमेशा घड़ी की सुई की दिशा में घुमाना शुभ माना जाता है। गणपति बप्पा की आरती उनके चरणों से शुरू करें और दाईं ओर से ऊपर ले जाते हुए बाईं ओर से नीचे लाएं।
एक बात का विशेष ध्यान रखें कि आरती के दीपक को भूलकर भी उल्टी दिशा की तरफ न घुमाएं। उल्टी दिशा में दीपक को घुमाना वर्जित है। गणेश जी के चरणों की तरफ 4 बार दीपक घुमाएं। इसके बाद प्रभु की नाभि की 2 बार आरती उतारें। फिर भगवान गणेश के मुख के सामने 1 बार दीपक घुमाएं और आखिरी में भगवान गणेश के पूरे शरीर की 7 बार आरती उतारें।
इन बातों का रखें ध्यान
- भगवान गणेश की आरती करने से पहले स्नान करके साफ वस्त्र धारण करें।
- पूजा की थाली में रोली, अक्षत, फूल, चंदन, दीपक और कपूर रखें।
- आरती के लिए हमेशा शुद्ध देसी घी का ही प्रयोग करें।
- देवी-देवताओं की आरती हमेशा खड़े होकर ही करनी चाहिए। अगर स्वास्थ्य ठीक नहीं है, तो ऐसी स्थिति में बैठकर भी आरती की जा सकती है।
- आरती के दौरान सिर को कपड़े से ढकना चाहिए।
- आरती के बाद दीपक के चारों तरफ चम्मच से दो या तीन बार जल घुमाकर धरती पर छोड़ दें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से आरती की लौ से उत्पन्न तेज शांत होता है।
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