यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sawan 2023: सावन में जरूर करें गंगाजल से जुड़े ये प्रभावशाली उपाय, मिलेगा सौभाग्य का आशीर्वाद
Sawan 2023 हिन्दू धर्म में श्रावण मास का विशेष महत्व है धार्मिक मान्यताओं श्रावण मास में भगवान शिव की उपासना ...और पढ़ें

HighLights
- सनातन धर्म में श्रावण के पवित्र महीने का विशेष महत्व है।
- श्रावण मास में कुछ विशेष उपाय करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- आइए जानते हैं गंगाजल से जुड़े कुछ प्रभावशाली उपाय, जिनसे मिलता है साधक को लाभ।
नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क । Sawan 2023 Gangajal ke Upay: सनातन धर्म में श्रावण के पवित्र महीने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि श्रावण मास में भगवान शिव की विधिवत उपासना करने से और उनके प्रिय चीजों से जुड़े कुछ उपाय करने से साधक को सुख और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। बता दें कि भगवान शिव को गंगाजल सर्वाधिक प्रिय है। इसलिए सनातन धर्म में गंगा को 'मां' दर्जा दिया गया है।
शास्त्रों में भी बताया गया है कि गंगा में गंगा के कुछ चमत्कारी गुण हैं, इसलिए गंगाजल का प्रयोग किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में निश्चित रूप से किया जाता है। आइए जानते हैं, सावन के महीने में गंगाजल से जुड़े किन उपायों को करने से मिलता है साधक को लाभ।
सावन में जरूर करें गंगाजल के प्रभावशाली उपाय
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शास्त्रों में विदित है कि भगवान शिव को गंगाजल सर्वाधिक प्रिय है, इसलिए सावन में हर दिन, विशेषतः सावन सोमवार के दिन शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करने से जीवन में आ रही समस्याएं दूर हो जाती है। ऐसा करते समय ॐ नमः शिवाय का जाप करें।
ज्योतिष शास्त्र में यह भी बताया गया है कि जिस घर में रोजाना गंगाजल का छिड़काव होता है, वहां नकारात्मक उर्जा का प्रभाव कम हो जाता है और व्यक्ति के जीवन सकारात्मकता आती है। ऐसा करने से रोग एवं दोष से भी मुक्ति मिलती है।
जिस जातक की कुंडली में शनि नीच स्थिति में है और इस कारण से उनके जीवन में समस्याएं उत्पन्न हो रही है तो सावन मास में व्यक्ति को एक पात्र में पानी भरकर उसमें कुछ बूंद गंगाजल डाल लेना चाहिए और पीपल के पेड़ में अर्पित करना चाहिए। ऐसा तब-तक करें जब तक सकारात्मक प्रभाव पड़ता हुआ न दिखाई दे।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, लंबे समय से चल रहे ऋण से मुक्ति के लिए गुरुवार के दिन पीतल के लोटे में गंगाजल भरकर उसे लाल-कपड़े से ढक दें और घर की उत्तर-पूर्व दिशा में रख दें। ऐसा करने से सकारात्मक परिणाम नजर आ सकते हैं।
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