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    Sarva Pitru Amavasya 2023: शनि अमावस्या पर भूलकर भी न करें ये काम, झेलनी पड़ सकती है परेशानी

    By Suman SainiEdited By: Suman Saini
    Updated: Thu, 12 Oct 2023 02:36 PM (IST)

    Sarva Pitru Amavasya Upay हिंदू धर्म में पितृ पक्ष में पड़ने वाली अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है। इस तिथि पर परिवार के उन मृतक परिजनों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु अमावस्या पूर्णिमा या चतुर्दशी तिथि को हुई हो या जिनकी मृत्यु तिथि हम भूल चुके हों। अमावस्या तिथि जब शनिवार के दिन पड़ती है तो इसे शनि अमावस्या या निश्चरी अमावस्या भी कहा जाता है।

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    Shani Amavasya 2023 शनि अमावस्या पर भूलकर भी न करें ये काम।

    नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क। Shani Amavasya 2023: प्रत्येक वर्ष भाद्रपद माह की पूर्णिमा से पितृ पक्ष की शुरुआत होती है। जो आश्विन माह की अमावस्या तिथि तक चलते हैं। पितृ पक्ष में पड़ने वाली अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या कहा जाता है।

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    सर्वपितृ अमावस्या को पितरों की विदाई का समय भी माना जाता है। इस वर्ष 14 अक्टूबर को सर्व पितृ अमावस्या और शनि अमावस्या का संयोग बन रहा है। साथ ही इस दिन सूर्य ग्रहण भी लग रहा है। ऐसे में कुछ कार्यों को करने से बचना चाहिए।

    न करें ये कार्य

    पितृ पक्ष की अमावस्या के दिन यानी सर्व पितृ अमावस्या पर शनि अमावस्या और सूर्य ग्रहण का संयोग बन रहा है। हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा इसलिए सूतक काल भी लागू नहीं होगा। फिर भी इस दौरान कुछ सावधानियां रखने की जरूरत है। इस दिन तुलसी की पूजा न करें और न ही तुलसी के पत्ते उतारें। ऐसा करने पर मां लक्ष्मी रुष्ट हो सकती हैं।

    बाहर न जाएं ये लोग

    भले ही सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, लेकिन फिर भी एहतियात के तौर पर गर्भवती महिलाएं घर से बाहर जाने से बचें। इसके साथ ही कोई नुकीली चीस का प्रयोग न करें।

    इस नियम का करें पालन

    हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि बहुत-ही महत्वपूर्ण मानी गई है। ऐसे में जो व्यक्ति इस दिन जप-तप-व्रत करता है उसे ब्रह्मचर्य का भी पालन करना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने पर पितर नाराज हो सकते हैं साथ ही व्यक्ति को ग्रहों का भी नकारात्मक प्रभाव झेलना पड़ता है।

    नकारात्मक शक्तियां होती हैं सक्रिय

    शनि अमावस्या के दिन भूलकर भी तामसिक भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए। साथ ही इस दिन श्मशान घाट या किसी सूनसान जगह पर जाने से बचना चाहिए। क्योंकि ऐसा माना जाता है कि अमावस्या तिथि पर नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव अधिक होता है।  

    डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'