Move to Jagran APP

Ravidas Jayanti 2023: माघ मास में कब है संत रविदास जयंती? जानें तिथि और उनके कुछ अनमोल विचार

Ravidas Jayanti 2023 प्रत्येक वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन संत रविदास जयंती मनाई जाती है। इस दिन संत रविदास के अनुयायीयों द्वारा भव्य कार्यक्रम और भजन कीर्तन का आयोजन किया जाता है।

By Shantanoo MishraEdited By: Shantanoo MishraPublished: Tue, 31 Jan 2023 03:59 PM (IST)Updated: Tue, 31 Jan 2023 03:59 PM (IST)
Ravidas Jayanti 2023: जानिए कब है संत रविदास जयंती?

नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क | Ravidas Jayanti 2023: प्रत्येक वर्ष माघ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन संत रविदास जयंती को हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। इस वर्ष रविदास जयंती 5 फरवरी (Ravidas Jayanti 2023 Date) के दिन मनाई जाएगी। इस दिन संत रविदास के भक्त बड़ी संख्या में एकत्रित होकर भव्य कार्यक्रम का आयोजन करते हैं और भजन-कीर्तन करते हैं। संत रविदास की जन्म तिथि को लेकर इतिहासकारों में मतभेद है। कुछ इतिहासकार संत रविदास का जन्म सन 1398ई में बताते हैं तो कुछ सन 1482ई बताते हैं।

loksabha election banner

संत रविदास थे कृष्ण भक्त मीरा के गुरु 

संत रविदास कृष्णभक्त मीराबाई के गुरु थे और उनके द्वारा दी गई शिक्षा से ही मीरा ने कृष्ण भक्ति का मार्ग अपनाया था। संत रविदास की भक्ति भावना और प्रतीभा को देखकर स्वामी रानानंद ने उन्हें अपने शिष्य के रूप में स्वीकार किया था। संत रविदास जी ने कई दोहे और भजन की रचना की थी, जिनमें उन्होंने ईश्वर का गुणगान किया था। साथ ही यह भी बताया था कि व्यक्ति को किन कर्मों से ईश्वर के चरणों में स्थान मिलता है।

संत रविदास के अनमोल विचार (Sant Ravidas ke Vichar)

  • रविदास जी ने बताया है कि निर्मल और शुद्ध मन में ही भगवान का वास होता है। आपके मन में यदि किसी के प्रति दुर्भावना नहीं है तो मन ही आपका मंदिर के समान है।

  • संत रविदास जी के अनुसार किसी भी व्यक्ति के ऊंच-नीच का आकलन जाति से नहीं किया जाना चाहिए। व्यक्ति के कर्म ही ऊंच-नीच के विषय में बताते हैं।

  • रविदास जी ने बताया है कि ईश्वर की भक्ति करने का मौका बड़े ही भाग्य से मिलता है। व्यक्ति के मन में यदि कोई अभिमान नहीं हो तो उसका जीवन सदैव सफल रहता है।

डिसक्लेमर- इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.