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    Rabi-Ul-Awwal 2020: आज से शुरू हुआ रबी-उल-अव्वल, जानें इस्लाम में क्यों माना जाता है ख़ास

    By Ruhee ParvezEdited By:
    Updated: Mon, 19 Oct 2020 11:51 AM (IST)

    Rabi-Ul-Awwal 2020 इसकी शुरुआत पैगंबर मुहम्मद के हिजरत के बाद मदीना से हुई। इस्लामिक कैलेंडर का हर महीना चांद से शुरू होता है। जैसे ही चांद दिखता है वैसे ही नया महीना शुरू हो जाता है। यानी हर महीना एक नए चंद्र चक्र के साथ शुरू होता है।

    रबी अल अव्वल चंद्र कैलेंडर का एक महीना है, इसलिए यह किसी भी मौसम में आ सकता है।

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Rabi-Ul-Awwal 2020: इस्लामिक कैलेंडर यानी हिजरी कैलेंडर चांद पर आधारित होता है और रबी-उल-अव्वल साल का तीसरा महीना होता है। अरबी में, "रबी" शब्द का अर्थ वसंत होता है जबकि "अल अवल" का अर्थ है पहला। इसलिए अंग्रेज़ी में रबी उल अव्वल का मतलब हुआ 'द फर्स्ट स्प्रिंग'। क्योंकि रबी अल अव्वल चंद्र कैलेंडर का एक महीना है, इसलिए यह किसी भी मौसम में आ सकता है। ये दिन वसंत के वास्तविक मौसम का प्रतीक नहीं है, बल्कि जीवन में बहार या खुशी का प्रतीक है।  

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    इसकी शुरुआत पैगंबर मुहम्मद के हिजरत के बाद मदीना से हुई। इस्लामिक कैलेंडर का हर महीना चांद से शुरू होता है। जैसे ही चांद दिखता है, वैसे ही नया महीना शुरू हो जाता है। यानी हर महीना एक नए चंद्र चक्र के साथ शुरू होता है।

    रबी उल अव्वल का नाम इस तरह से रखा गया है क्योंकि पैगंबर मोहम्मद का जन्म (मिलाद उन नबी) होने से पहले, लोग अज्ञानता और अंधेरे में जी रहे थे।  वे विभिन्न देवताओं की पूजा करते थे। वे अल्लाह के मार्ग से भटक रहे थे। जैसे ही पैगंबर का जन्म हुआ, वह अपने साथ सत्य का संदेश, अल्लाह का संदेश लेकर आए। इस संदेश ने लोगों को आत्मज्ञान के मार्ग की ओर अग्रसर किया, जिससे उन्हें सही और गलत के बीच अंतर करने में मदद मिली।

    पैगंबर मुहम्मद पूर्णता का प्रतीक हैं। इस्लाम समुदाय के लोग एक आदर्श जीवन शैली का नेतृत्व करने के लिए उनकी सुन्नत का पालन करते हैं, जो न केवल धर्म द्वारा परिभाषित किया गया है, बल्कि वास्तव में सभी मानव जाति के लिए फायदेमंद है।

    रबी उल अव्वल का महीना इस्लाम में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि मुसलमान समुदाय का मानना ​​है कि पवित्र पैगंबर का जन्म भी इसी महीने में हुआ था, हालांकि वास्तविक तारीख पर कोई आम सहमति नहीं है।  मुसलमान अक्सर इसे रबी उल अव्वल के 12वें दिन मनाते हैं, जिसे अक्सर ईद मिलाद उन नबी के नाम से जाना जाता है। पैगंबर का जन्म पूरे विश्व में मुसलमानों द्वारा बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। बहुत सारे मुसलमान पैगंबर की याद में पूरे महीने मिलाद रखते हैं।