Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Pradosh Vrat 2024: रवि प्रदोष व्रत के दिन ये काम दिलाएंगे हर संकट से मुक्ति, सूर्य देव भी होंगे प्रसन्न

    Updated: Wed, 11 Sep 2024 11:34 AM (IST)

    हिंदू पंचांग के मुताबिक हर माह की त्रयोदशी तिथि पर शिव जी के निमित्त प्रदोष व्रत किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि श्रद्धापूर्वक इस व्रत को करने से साधक के जीवन के सभी कष्ट दूर हो सकते हैं। ऐसे में भाद्रपद के अंतिम प्रदोष व्रत पर आप कुछ नियमों का ध्यान रखकर शुभ फलों की प्राप्ति कर सकते हैं।

    Hero Image
    Pradosh Vrat 2024 रवि प्रदोष व्रत के दिन रखें इन बातों का ध्यान।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। प्रदोष व्रत को शिव जी की कृपा प्राप्ति के लिए एक उत्तम तिथि माना जाता है। भाद्रपद का दूसरा प्रदोष व्रत रविवार, 5 सितंबर को रखा जाएगा, जिसे रवि प्रदोष व्रत भी कह सकते हैं। यह व्रत भगवान शिव और सूर्य देव को समर्पित है। ऐसे में इस दिन आप कुछ बातों का ध्यान रख शिव जी के साथ-साथ सूर्य देव की कृपा के पात्र भी बन सकते हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    रवि प्रदोष व्रत का महत्व (Ravi Pradosh Vrat 2024)

    रवि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की उपासना के साथ-साथ सूर्य देव की उपासना करने से भी साधक को शुभ परिणाम मिल सकते हैं। ऐसा करने से साधक को करियर में भी लाभ देखने को मिल सकता है। शिव पुराण और स्कंद पुराण के अनुसार, इस दिन उपवास रखने से साधक रोग और दोष आदि से मुक्ति रहता है। साथ ही उसे धन-सम्पदा की भी प्राप्ति होती है।

    जरूर करें ये काम

    रवि प्रदोष व्रत सूर्य देव को समर्पित है, इसलिए इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठें और स्नान करने के बाद सफेद वस्त्र धारण करें। इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें। जल अर्पित करते समय उसमें रोली, अक्षत और पुष्प जरूर मिलाएं। इसके बाद भगवान शिव की पूजा करते समय मन-ही-मन भगवान शिव के पंचाक्षर मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से साधक को अच्छे परिणाम मिलने लगते हैं।

    यह भी पढ़ें - Pradosh Vrat 2024: जीवन के दुख एवं संकट से न हों परेशान, इस स्तोत्र के पाठ सभी समस्या होंगी दूर

    जरूर करें ये काम

    रवि प्रदोष व्रत के दिन सफेद चीजों का दान करना चाहिए जैसे - दूध, दही, चावल या फिर सफेद मिठाई का दान करना चाहिए। रविवार होने के कारण आप गेहूं, जौ, तांबा, लाल पुष्प भी दान कर सकते हैं। इसी के साथ आप इस दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का 108 बार पाठ कर सकते हैं। ऐसा करने से आपको करियर में आ रही बाधा से मुक्ति मिल सकती है।

    यह भी पढ़ें - एक नहीं बल्कि 5 पर्वत श्रृंखलाओं का समूह है कैलाश, जानें इनका धार्मिक महत्व

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।