हमारे विचार ही हमारे व्यक्तित्व और जीवन को आकार देते हैं। विचार मूलत: दो प्रकार के होते हैं। सकारात्मक और नकारात्मक। सकारात्मक विचार हमारे जीवन को सार्थक बनाते हैं। ये हमें बेहतर करने के लिए प्रेरित करते हैं। सकारात्मकता की शक्ति हमें अपनी ऊर्जा के सही उपयोग में सहायता करती है। सकारात्मक मानसिकता हमें विपरीत परिस्थिति में भी सहज रहने की शक्ति देती है। दुनिया में सफल लोगों ने सकारात्मकता को ही सफलता की कुंजी माना है। सकारात्मकता की शक्ति हमारे व्यक्तिगत एवं पेशेवर जीवन को बदलने में सक्षम है। यह सकारात्मक सोच की ही शक्ति है कि मनुष्य जो सोचता है उसे प्राप्त कर लेता है। उसके लिए वह अपना सर्वस्व लगा देता है।

सकारात्मक दृष्टिकोण वाला व्यक्ति समस्याओं से नहीं डिगेगा। हर छोटी या बड़ी समस्या का भी कोई न कोई हल अवश्य होता है। सकारात्मक दृष्टिकोण उस समाधान की पहली सीढ़ी है। हमें कोई समस्या परेशान करती है तो पहले अपने दिल की सुनें, फिर आगे बढ़ें और स्वयं को पूरी तरह समर्पित करें। प्रत्येक पहलू का विश्लेषण करें। तदोपरांत समस्या को हल करें। अब तक हुए प्रत्येक आविष्कार सफलता से पहले असफलताओं के कई पड़ावों से गुजरे। ऐसी असफलताओं ने आविष्कारकों के उत्साह और दृढ़ता पर आघात नहीं किया, क्योंकि उन्होंने सकारात्मकता की शक्ति से समाधान ढूंढ लिया। इस प्रकार एक नया आविष्कार हुआ। ऐसे आविष्कार हमारा जीवन सहज बनाते हैं।

वास्तव में सकारात्मक दृष्टिकोण से ओतप्रोत व्यक्ति के शब्दकोश में असंभव शब्द होता ही नहीं है। वह समस्याओं से विचलित हुए बिना उनके समाधान तलाशने पर केंद्रित रहता है। इस प्रकार वह अपने मनचाहे लक्ष्य को प्राप्त करता है। सफलता का यही मूल मंत्र है कि चाहे जितनी बुरी स्थिति हो अपना धैर्य न खोएं और सकारात्मकता के साथ पूरे आत्मविश्वास से आगे बढ़ें।

सूर्यदीप कुशवाहा

डिसक्लेमर

'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'

 

Edited By: Jeetesh Kumar