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पितृ पक्ष 2026: तांबे के लोटे से ही क्यों देते हैं पितरों को जल? सूर्य और मंगल से है इसका गहरा कनेक्शन

Published: Fri, 02 Oct 2026 10:30 AM (IST)

पितृ पक्ष में पितरों को जल अर्पित करने के लिए तांबे के लोटे का उपयोग क्यों किया जाता है, यह ...और पढ़ें

पितरों को तांबे के लोटे से दें जल (AI-Generated Image)

पितरों को तांबे के लोटे से दें जल (AI-Generated Image) 

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है। इस अवधि के दौरान पितरों का तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन कामों को करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और उनकी आत्मा को शांति मिलती है।

आपने अक्सर देखा होगा कि पितरों को जल देते समय तांबे के लोटे का प्रयोग किया जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर पूर्वजों को जल देने के लिए तांबे के लोटे का ही इस्तेमाल क्यों किया जाता है? ऐसे में आइए आपको बताते हैं इसके पीछे की वजह के बारे में।

तांबे के लोटे का महत्व

हिंदू धर्म में जल अर्पित करने के लिए तांबे के लोटे को अधिक शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तांबे का संबंध आत्मा के कारक ग्रह सूर्य और मंगल से है। यह धातु देवताओं के साथ-साथ पितरों को प्रसन्न करने के लिए भी अधिक पवित्र मानी जाती है। मान्यता है कि तांबे के बर्तन से दिया गया जल सीधे पितरों तक पहुंचता है और इससे उनकी आत्मा को पूर्ण शांति प्राप्त होती है। हिंदू धर्म में तांबे को एक सात्विक धातु माना गया है। देवी-देवताओं की पूजा और पितरों के तर्पण में इस धातु के बर्तन का उपयोग करने से शुभ परिणाम मिलते हैं।

तांबे के लोटे से पितरों को जल देने के नियम

  • पितरों को जल देने के लिए तांबे का लोटा, शुद्ध जल, काले तिल, साबुत चावल, सफेद फूल और कुशा रखें।
  • पितरों को जल देते समय दक्षिण दिशा की तरफ मुख रखना शुभ माना जाता है, क्योंकि इस दिशा में पितरों का वास माना गया है।
  • तांबे के लोटे में जल भरें। इसके बाद इसमें काले तिल, कुशा, साबुत चावल और सफेद फूल डाल लें।
  • अब दाहिने हाथ से पितरों को जल अर्पित करें।
  • जल अर्पित करते समय मन में पितरों का ध्यान करें।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान तांबे के लोटे से पितरों को जल देने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष की समस्या दूर होती है। साथ ही पितरों की कृपा से व्यक्ति को जीवन में शुभ परिणाम मिलते हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।