नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क | Paush Month 2022: हिन्दू पंचांग के अनुसार आज यानि 09 दिसंबर 2022 से पौष मास प्रारम्भ हो चुका है। हिन्दू कैलेंडर में इस मास को दसवां महीना बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार इस मास में सूर्य देव की पूजा का विशेष महत्व है। साथ ही इस मास में पिंडदान व श्राद्ध कर्म भी किया जाता है। इसी मास में खरमास भी लगता है, जिसमें सूर्य की गति धीमी हो जाती है। मान्यता है कि इस पवित्र मास में कुछ उपायों को करने से भक्तों को विशेष लाभ मिलता है और उनके दुख दूर हो जाते हैं। बता दें कि पंचांग के अनुसार पौष कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 08 दिसंबर को सुबह 09:37 मिनट से प्रारम्भ हुई थी और इसका समापन आज सुबह 11:34 मिनट तक होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार पौष मास आज से शुरू हो गया है। आइए जानते हैं पौष मास के उपाय और उनके लाभ। 

पौष मास में करें ये उपाय (Paush Month 2022 Upay)

  • पवित्र पौष मास में भगवान सूर्य देव की आराधना का विशेष महत्व है। इसलिए इस पूरे मास में स्नान-ध्यान के बाद सूर्य देव की पूजा अवश्य करें और सूर्य मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से धन, वैभव में वृद्धि होती है और सभी कार्य सफल हो जाते हैं।

  • पौष मास में हर रविवार के दिन व्यक्ति को व्रत रखने की सलाह शास्त्रों में दी गई है। इस दौरान व्यक्ति को नमक का उपयोग नहीं करना चाहिए और मीठे का सेवन करना चाहिए। ऐसा करने से कुंडली में सूर्य देव का प्रभाव बढ़ता और भाग्योदय का मार्ग खुल जाता है।

  • इस पवित्र मास में दान का भी विशेष महत्व है। इसलिए इस दौरान किसी जरूरतमंद को अन्न या धन का दान करें। साथ ही सामर्थ्य के अनुसार कपड़े, कंबल, गुड़ आदि का भी दान करें। ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहेगी और धन-ऐश्वर्य में वृद्धि होगी।

  • सूर्य देव की पूजा के दौरान इस बात का ध्यान रखें कि आप उन्हें तिल अथवा चावल से बनी खिचड़ी का भोग लगाएं। साथ ही पूजा के दौरान लाल वस्त्र धारण करें। सूर्य देव को यह रंग सर्वाधिक प्रिय है।

  • इस बात का भी ध्यान रखें कि आप यदि इस मास में किसी मांगलिक कार्य की योजना बना रहे हैं तो उसे खरमास से पहले सम्पन्न कर लें या अगले महीने के लिए टाल दें। ऐसा इसलिए क्योंकि खरमास में मांगलिक कार्य प्रारम्भ करना वर्जित है। ऐसा करने से दुष्प्रभाव का भय बढ़ जाता है।

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Edited By: Shantanoo Mishra

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