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    Navratri 2023: वेश्यालयों की मिट्टी के बिना अधूरी होती है दुर्गा पूजा, जानें महत्वपूर्ण रहस्य

    By Jagran NewsEdited By: Pravin Kumar
    Updated: Tue, 10 Oct 2023 03:49 PM (IST)

    Navratri Durga Puja 2023 दस भुजाओं वाली देवी को देखने के लिए सभी पांडालों में भीड़ उमड़ी रहती है। लेकिन इसे कैसे बनाया जाता है उससे सभी अंजान हैं। तो चलिए आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के जरिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे।

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    वेश्यालयों की मिट्टी के बिना अधूरी होती है दुर्गा पूजा

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Durga Pooja 2023: नवरात्रि का शुभांरभ जल्द होने वाला है, जिसकी तैयारी में साधक पहले से ही लग गए हैं। आदिशक्ति के इस खास पर्व में पंडालों का महत्व सभी जानते हैं। लेकिन इनके पीछे कुछ रहस्य हैं जिसे बेहद ही कम लोग जानते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिन पंडालों (Durga Pooja) को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं उनके संपूर्ण होने में वेश्यालयों का अहम रोल होता है।

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    दस भुजाओं वाली देवी को देखने के लिए सभी पांडालों में भीड़ उमड़ी रहती है। लेकिन इसे कैसे बनाया जाता है उससे सभी अंजान हैं। तो चलिए आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के जरिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे।

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    चार महत्वपूर्ण चीजें

    मां दुर्गा की प्रतिमाओं को तैयार करने के लिए उसमें चार चीजें बहुत महत्वपूर्ण होती हैं, जिनमें गंगा के किनारे की मिट्टी, गाय का गोबर, गोमूत्र और वेश्यालयों की मिट्टी का महत्वपूर्ण योगदान है। इनके बिना मां की मूर्ती पूरी ही नहीं होती है।

    कुछ मान्यताओं के अनुसार, दुर्गा पूजा के दौरान महिलाओं की नौ श्रेणियों की आराधना करने का विधान है, जिसमें से एक एक वैश्या भी है। ऐसे में मां की मूर्ती बनाने में वेश्यालयों का अहम योगदान रहता है।

    मूर्ती स्थापना मंत्र

    रूपं देहि यशो देहि भाग्यं भगवति देहि मे।

    पुत्रान् देहि धनं देहि सर्वान् कामांश्च देहि मे।।

    महिषघ्नि महामाये चामुण्डे मुण्डमालिनी।

    आयुरारोग्यमैश्वर्यं देहि देवि नमोस्तु ते।।

    विसर्जन मंत्र -

    गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठे स्वस्थानं परमेश्वरि।

    पूजाराधनकाले च पुनरागमनाय च।।

    Author - Vaishnavi Dwivedi

    डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।