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    Narak Chaturdashi 2023: इस विधि से करें नरक चतुर्दशी पर भगवान कृष्ण की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त-विधि और महत्व

    By Vaishnavi DwivediEdited By: Vaishnavi Dwivedi
    Updated: Sat, 11 Nov 2023 08:19 AM (IST)

    Narak Chaturdashi 2023 सनातन धर्म में नरक चतुर्दशी का पर्व बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। इस साल यह त्योहार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी आज मनाया जा रहा है। इस पर्व को लेकर कई कथाएं प्रचलित हैं। नरक चतुर्दशी बुराई पर अच्छाई की जीत के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। भक्तों को इस शुभ दिन पर भगवान कृष्ण की पूजा- अर्चना करनी चाहिए।

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    Narak Chaturdashi 2023: नरक चतुर्दशी का पर्व

    नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क ।Narak Chaturdashi 2023: हिंदू धर्म में नरक चतुर्दशी का खास महत्व है। इस शुभ दिन को लोग छोटी दिवाली के रूप में भी जानते हैं। यह लक्ष्मी पूजा से एक दिन पहले का दिन है। इस दिन कई देवी-देवताओं की पूजा होती है। इसके साथ ही इस खास मौके पर लोग कई धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियां भी करते हैं। 

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    नरक चतुर्दशी 2023: तिथि और समय

    चतुर्दशी तिथि आरंभ - 11 नवंबर 2023 - 01:57 से

    चतुर्दशी तिथि समापन- 12 नवंबर 2023 - 02:27 तक

    नरक चतुर्दशी का महत्व

    नरक चतुर्दशी का सनातन धर्म में काफी ज्यादा महत्व है। इस पर्व को लेकर कई कथाएं प्रचलित हैं। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, भगवान कृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा के साथ राक्षस नरकासुर का वध किया और 16000 गोपियों को बचाया। नरक चतुर्दशी बुराई पर अच्छाई की जीत के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। भक्तों को इस शुभ दिन पर भगवान कृष्ण की पूजा- अर्चना करनी चाहिए। कुछ क्षेत्रों में इस दिन को काली चौदस के रूप में भी मनाया जाता है।

    भगवान कृष्ण का मंत्र

    हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे

    हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे

    कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणत क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नम:

    ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय नम:

    नरक चतुर्दशी का पूजा-अनुष्ठान

    इस शुभ दिन पर लोगों को अपने घर को रोशनी, फूलों और अन्य सजावटी सामग्री से सजाना चाहिए। साथ ही दीया जलाकर भगवान कृष्ण की पूजा करें और उन्हें खीर, हलवा और सूखे मेवे, मिठाइयों का भोग लगाएं। अंत में भगवान कृष्ण का आशीर्वाद लें और शाम के समय अपने घर में 11 मिट्टी के दीपक जलाएं।

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    डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'