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    Nag Panchami 2022: कुंडली में है कालसर्प दोष, तो नाग पंचमी पर करें ये उपाय

    By Shivani SinghEdited By:
    Updated: Tue, 02 Aug 2022 07:40 AM (IST)

    Nag Panchami 2022 धार्मिक शास्त्रों के अनुसार नाग पंचमी पर नागों की पूजा करने से कुंडली के कालसर्प दोष समाप्त हो जाते है। जानिए कालसर्प दोष के प्रकार और किन उपायों को करने से मिलेगी इस दोष से मुक्ति।

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    Nag Panchami 2022: कालसर्प दोष से निजात पाने के लिए नाग पंचमी पर करें ये उपाय

    नई दिल्ली, Nag Panchami 2022, Kaal Sarp Dosh Upay: हिंदू पंचांग के अनुसार, श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि नाग पंचमी है। इसके साथ ही आज का दिन काफी खास योगों के साथ मनाया जा रहा है। क्योंकि आज मंगला गौरी व्रत भी रखा जा रहा है। आज के दिन नाग देवता की विधिवत पूजा करने का विधान है। इस दिन नाग देवता और सांपों की विधिवत पूजा करने के साथ दूध पिलाना शुभ माना जाता है।  ऐसा करने से कालसपर्प दोष से भी छुटकारा मिल जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिस व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष होता है उसे जिंदगी में किसी न किसी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिक मेहनत करने के बावजूद रिजल्ट नहीं मिलता है, भलाई करने में बुराई मिलती है, विवाह में देरी होना, बनते काम बिगड़ जाना, साथ ही दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। आइए जानते हैं कि नागपंचमी के दिन कौन से उपाय करने से कालसर्प दोष से निजात मिल जाएगी।

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    नाग पंचमी 2022 शुभ मुहूर्त

    पंचमी आरंभ- 2 अगस्त 2022, मंगलवार को सुबह 5 बजकर 13 मिनट पर

    पंचमी समाप्त- 3 अगस्त 2022, बुधवार को सुबह 05 बजकर 41 मिनट तक

    पूजा का शुभ मुहूर्त- 2 अगस्त को सुबह 06 बजकर 05 मिनट से 08 बजकर 41 मिनट तक

    ऐसे बनता है कुंडली में कालसर्प दोष

    ज्योतिष शास्त्र में राहु का अधिदेवता काल है और केतु का सर्प। कुंडली में जब राहु और केतु के बीच में सभी ग्रह आ जाते हैं तब काल सर्प दोष लगता है। यह दोष 12 तरह का होता है। हर एक दोष का फल अलग-अलग मिलता है।

    कौन-कौन से है 12 कालसर्प दोष

    ज्योतिष शास्त्र में इन 12 कालसर्प दोष के बारे में बताया गया है जो अनंत कालसर्प दोष, कुलिक कालसर्प दोष, वासुकि कालसर्प दोष, शंखपाल कालसर्प दोष, पद्म कालसर्प दोष, महापद्म कालसर्प दोष, तक्षक कालसर्प दोष, कर्कोटक कालसर्प दोष, शंखनाद कालसर्प दोष, घातक कालसर्प दोष, विषाक्त कालसर्प दोष, शेषनाग कालसर्प दोष है।

    कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के उपाय

    • नागपंचमी के दिन श्रीसर्प सूक्त का पाठ करना चाहिए। इस पाठ को करने से कालसर्प दोष के साथ-साथ पितृदोष से भी मुक्ति मिल जाएगी।
    • नागपचंमी पर राहु तथा केतु के मंत्र का जाप करें। इससे भी कालसर्प दोष से निजात मिल जाएगी।

    राहु मंत्र- ।। ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम: ।।

    केतु मंत्र - ।। ॐ स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं स: केतवे नम:।।

    • नाग पचंमी के दिन अपने वजन के बराबर कोयला लेकर बहते जल में प्रवाहित करें। ऐसा करने से काफी हद तक कालसर्प दोष से छुटकारा मिल जाएगा। इसके अलावा जटा वाला नारियल और मसूर का दाल भी जल में प्रवाहित करना शुभ होता है।
    • नाग पंचमी के दिन किसी सपेरे से नाग-नागिन खरीदकर किसी जंगल में छुड़वा देना चाहिए। ऐसा करने से भी कालसर्प दोष का नकारात्मक प्रभाव थोड़ा कम हो जाता है।
    • नागपंचमी के दिन हाथों में गोमेद रत्न या फिर नाग-नागिन की आकृति वाली अंगूठी या फिर कड़ा धारण कर लें।
    • नागपचंमी के दिन नाम देवता के दर्शन करके उनके क्षमायाचना करें। इसके बाद पंडित को बुलाकर राहु-केतु की पूजा कराएं।
    • कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए नासिक के पास त्रयंबकेश्वर धाम में पूजा कराना सबसे शुभ माना जाता है।

    Pic Credit- Freepik

    डिसक्लेमर'

    इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'