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सबने सुना होगा रामानंद सागर की Ramayan का यह टाइटल ट्रैक, पर क्या जानते हैं तुलसीदास की इस चौपाई का सही अर्थ?

Published: Fri, 18 Sep 2026 04:36 PM (IST)

अभिनेता रणबीर कपूर की फिल्म 'रामायण' के गाने 'जय जय राम' ने रामानंद सागर की 'रामायण' के टाइटल ट्रैक 'मंगल ...और पढ़ें

मंगल भवन अमंगल हरी चौपाई का हिंदी अर्थ (Picture Credit- AI Generated)

मंगल भवन अमंगल हरी चौपाई का हिंदी अर्थ (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. रणबीर कपूर की फिल्म के गाने ने पुरानी रामायण की याद दिलाई।

  2. 'मंगल भवन अमंगल हारी' चौपाई का अर्थ और महत्व समझाया गया।

  3. यह चौपाई मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अभिनेता रणबीर कपूर की फिल्म रामायण का पहला गाना 'जय जय राम' कुछ दिन पहले रिलीज किया गया है। यह गाना दर्शकों को बहुत पसंद आ रहा है और इसे अधिक संख्या में सुना जा रहा है।

इस फिल्म के नए गाने के सामने आते ही लोगों को 39 साल पहले आए दूरदर्शन के मशहूर शो रामायण का टाइटल ट्रैक की याद आ गई। रामानंद सागर के इस शो के लिए जिस टाइटल ट्रैक का इस्तेमाल किया गया था, वह 'मंगल भवन अमंगल हारी' (Mangal Bhawan Amangal Haari) था।

आपको बता दें कि यह गीत गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित 'रामचरितमानस' की एक प्रसिद्ध चौपाई है, जिसे भगवान श्रीराम की स्तुति में गाया जाता है। हिंदू धर्म में जब भी रामायण या सुंदरकांड का पाठ होता है, तो हर दोहे के बाद इस चौपाई का गान जरूर किया जाता है।

यह सब जानकर आपके मन में भी यह सवाल आ रहा होगा कि आखिर इस चौपाई का हिंदी अर्थ और इसका धार्मिक महत्व क्या है। आइए इस आर्टिकल में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।

मंगल भवन अमंगल हारी।
द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी॥

इस चोपाई का हिंदी अर्थ है कि जो प्रभु सभी तरह के मंगल के निवास का स्थान हैं और सभी तरह के दुख-दर्द का नाश करने वाले हैं। वे महाराज दशरथ के आंगन में खेलने वाले प्रभु श्रीराम हम पर अपनी कृपा करें।

शब्द का हिंदी अर्थ

मंगल भवन- जो सुख, शांति का भंडार हैं।
अमंगल हारी- जो सभी दुखों, बुराइयों और संकटों को दूर करने वाले हैं।
द्रवहु- दयालु हों, कृपा करें
सुदसरथ- राजा दशरथ।
अजिर- घर का आंगन।
बिहारी- खेलने वाले।

चौपाई का महत्व

रामचरितमानस की इस चौपाई को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस चौपाई का पाठ रामायण या सुदरकांड के पाठ के दौरान कई बार किया जाता है। इस चौपाई को बहुत ही लय से गाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस चौपाई का पाठ करने से भक्त को मानसिक शांति प्राप्त होती है और भक्त के जीवन में आने वाले सभी संकट दूर होते हैं।

नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही प्रभु श्रीराम की कृपा प्राप्त होती है। यह प्रसिद्ध चौपाई श्रीरामचरितमानस के बालकाण्ड में आती है।

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