Mauni Amavasya 2023: मौनी अमावस्या के दिन तर्पण और श्राद्ध से मिलता है अक्षय सुख, रखें इन बातों का ध्यान
Mauni Amavasya 2023 माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि के मौनी अमावस्या पर्व मनाया जाता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा और श्राद्ध एवं तर्पण का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं इस दिन किन चीजों का तर्पण करने से पितृ प्रसन्न होते हैं।

नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क | Mauni Amavasya 2023: हिन्दू धर्म में माघ मास को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस मास में पड़ने वाले व्रत एवं त्यौहारों का भी विशेष महत्व है। बता दें कि शास्त्रों में बताया गया है कि माघ मास में पवित्र स्नान एवं दान करने से व्यक्ति को पुण्य के समान फल की प्राप्ति होती है। हिन्दू पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की अमावस्या तिथि अर्थात 21 जनवरी 2023, शनिवार (Mauni Amavasya 2023 Date) के दिन मौनी अमावस्या पर्व मनाया जाएगा। इस विशेष दिन पर पवित्र स्नान एवं तर्पण का विशेष महत्व है। ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि जिस दिन सूर्य देव चंद्रमा के साथ मकर राशि में विराजमान होते हैं, उस दिन को मौनी अमावस्या कहा जाता है। स्कंद पुराण में यह भी बताया गया है कि मौनी अमावस्या के दिन भगवान सूर्य की उपासना करने से और तर्पण आदि करने से व्यक्ति को पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
मौनी अमावस्या के दिन इन चीजों से करें पितरों का तर्पण (Mauni Amavasya 2023 Tarpan)
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स्कंद पुराण में बताया गया है कि पवित्र स्नान के बाद तिल, तिल से बने लड्डू, तिल का तेल, वस्त्र, दूध, वस्त्र या धन का दान करने से अक्षय सुख की प्राप्ति होती है। साथ ही इस दिन समर्थ्य अनुसार जरूरतमंद लोगों को भोजन कराने से भी पुण्य की प्राप्ति होती है।
महापुराण में यह भी बताया गया है कि इस दिन गंगा नदी में पवित्र स्नान करने बाद व्यक्ति को तिल और गुड़ से तर्पण इत्यादि जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति पुण्य का भोगी होता है। साथ ही वह सभी पापों से मुक्त हो जाता है।
इसके साथ यह भी बताया गया है कि जो लोग पूर्ण श्रद्धा भाव गंगा के अविरल धारा में गुड़, घी, तिल और खीर को प्रवाहित करते हैं, उनके पितरों को तृप्ति प्राप्त हो जाती है। साथ ही व्यक्ति को मनोवांछित फल प्राप्त होने का आशीर्वाद मिलता है।
मौनी अमावस्या के विशेष दिन पर व्यक्ति को गंगा स्नान एवं दान के साथ-साथ कुछ अन्य बातों का भी ध्यान रखना चाहिए। जैसे- व्यक्ति को इस दिन गलत विचार मन में नहीं लाने चाहिए। उन्हें कुछ भी अशुभ नहीं सोचना चाहिए और सूर्य को अर्घ्य देते समय 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः' या 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए।
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