आखिर क्यों भगवान को करनी पड़ी थी 16000 शादियां? पढ़ें नरकासुर के वध की अनोखी कथा
क्या आप जानते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण की 16,108 पत्नियां क्यों थीं? जानें नरकासुर के आतंक, 16 हजार कन्याओं की मुक्ति और उनके सम्मान की रक्षा की पूरी कथा।

श्री कृष्ण ने क्यों की थी को 16 हजार शादियां? (Image Source: AI-Generated)

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धर्म डेक्स, नई दिल्ली। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी कई ऐसी कथाएं हैं जो आज भी लोगों को अचंभित कर देती हैं। इनमें से सबसे बड़ा चर्चा का विषय रही है उनकी 16,108 पत्नियां। आखिर क्यों प्रेम के प्रतीक श्रीकृष्ण ने इतनी शादियां की थीं? क्या इसके पीछे कोई व्यक्तिगत कारण था या कोई बड़ा सामाजिक उद्देश्य?
नरकासुर का आतंक
श्रीमदभागवत महापुराण जो वेदव्यास जी रचित आदि पुराण है, उसके मुताबिक, नरकासुर नाम के एक शक्तिशाली और क्रूर असुर था। जिसने अपनी शक्ति के मद में चूर होकर देवलोक और पृथ्वीलोक दोनों जगह हाहाकार मचा रखा था। उसने न केवल देवताओं को पराजित किया, बल्कि इंद्र देव की माता अदिति के कुंडल भी छीन लिए थे।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, नरकासुर ने अलग-अलग राज्यों पर हमला करके वहां की कुल 16,000 कन्याओं को बंधक बना लिया था। ये कन्याएं अत्यंत सुंदर और संस्कारी थीं, जिन्हें उसने अपनी कैद में रखा हुआ था।
अन्याय का अंत
जब श्रीकृष्ण को नरकासुर के अत्याचारों का पता चला, तो उन्होंने उस पर आक्रमण कर दिया। भीषण युद्ध के बाद श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया और उन सभी 16,000 कन्याओं को उसकी गुलामी से आजाद कराया। प्राग्ज्योतिषपुर के असुर राजा नरकासुर का वध कृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा की सहायता से किया।
16 हजार शादियों के पीछे का कारण
मुक्ति के बाद एक बड़ी समस्या खड़ी हुई। श्रीकृष्ण धर्मसंकट में पड़ गए। मुक्ति के बाद उन कन्याओं का कोई परिवार नहीं था। उनके परिजन मारे जा चुके थे। तब कन्याओं ने मुरलीमनोहर से प्रार्थना की कि वे उन्हें अकेला न छोड़ें और अपनी शरण में रहने दें। इसके बाद कन्याओं की मर्यादा और सम्मान के लिए श्रीकृष्ण 16 हजार रूपों में प्रकट हुए और उन सभी से विवाह कर लिया।
भागवत पुराण के अनुसार, श्रीकृष्ण ने अपनी सभी 16,000 पत्नियों को एक-एक घर, दासियां और सुख-सुविधाएं दीं और सभी के साथ एक-एक करके समय बिताते थे।
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