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Laddu Gopal: लड्डू गोपाल को घर लाने का बना रहे हैं मन, तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान

माना जाता है कि घर में लड्डू गोपाल जी की सेवा और पूजा-अर्चना करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। जिन घरों में लड्डू गोपाल जी की पूजा-अर्चना व सेवा की जाती है उन घर में कई तरह के नियमों का ध्यान रखा जाना जरूरी समझा जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं लड्डू गोपाल से जुड़े कुछ जरूरी नियम।

By Suman Saini Edited By: Suman Saini Published: Tue, 11 Jun 2024 05:48 PM (IST)Updated: Tue, 11 Jun 2024 05:48 PM (IST)
Laddu Gopal: जानिए लड्डू गोपाल के सेवा के नियम।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। लड्डू गोपाल को भगवान कृष्ण का ही बाल अवतार माना जाता है। कई लोग लड्डू गोपाल को घर के सदस्य या किसी बालक की तरह ही रखते हैं। ऐसे में यदि आप भी अपने घर में Laddu Gopal को स्थापित करने का मन बना रहे हैं, तो इससे पहले कुछ बातों को जान लेना जरूरी है, ताकि आपको इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलें।

रोजाना करें ये काम

लड्डू गोपाल को रोजाना स्नान करवाना जरूरी माना गया है। यदि आप लड्डू गोपाल जी को स्नान कराने के लिए शंख का इस्तेमाल करते हैं, तो ऐसा करना बहुत ही लाभकारी माना जाता है। इसके बाद रोजाना लड्डू गोपाली जी के वस्त्र बदलें। इस दौरान ध्यान रखें कि वस्त्र साफ-सुथरे होने चाहिए और एक बार पहना हुआ वस्त्र उन्हें दोबारा नहीं पहनना चाहिए। उस वस्त्र या पोशाक को धोने के बाद ही लड्डू गोपाल जी को दोबारा पहनाएं।

जरूरी है श्रृंगार

भगवान कृष्ण की तरह ही उनके बाल स्वरूप लड्डू गोपाल को भी श्रृंगार प्रिय माना गया है। ऐसे में स्नान करवाने के बाद सबसे पहले लड्डू गोपाल को चंदन का तिलक लगाए और इसके बाद आभूषण पहनाएं।

कितनी बार लगाएं भोग

लड्डू गोपाल को दिन में चार बार भोग लगाना चाहिए। इस बार का ध्यान रखें कि उनका भोजन एकदम सात्विक होना चाहिए। जितनी बार भोग लगाएं उतनी बार आरती भी करें। साथ ही हमेशा स्नान करने के बाद ही लड्डू गोपाल के लिए भोग बनाएं।

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रखें इन बातों का ध्यान

अगर आप कहीं घर से बाहर जाते हैं, तो कभी भी लड्डू गोपाल जी को घर में अकेला न छोड़ें। आप उन्हें किसी जानकार व्यक्ति को सौंप सकते हैं या फिर उन्हें भी अपने साथ ही ले जा सकते हैं।

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।


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