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Karwa Chauth पर जवां और बूढ़े चांद में क्या होता है अंतर? जानिए किस चंद्रमा को देखकर खोलना चाहिए व्रत

Published: Thu, 29 Oct 2026 01:58 PM (IST)

करवाचौथ पर चंद्र दर्शन का विशेष महत्व है लेकिन कई महिलाओं में जवां और बूढ़े चांद को लेकर भ्रम रहता ...और पढ़ें

उगते चंद्रमा की पूजा । (Picture Credit- AI Generated)

 उगते चंद्रमा की पूजा । (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. करवा चौथ पर चंद्र दर्शन का विशेष महत्व।

  2. उगते चंद्रमा की पूजा से दांपत्य में मधुरता।

  3. मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। करवाचौथ के त्‍योहार पर चंद्र दर्शन का बहुत महत्‍व है। मगर कई बार व्रत रखने वाली महिलाओं के मन में इस बात को लेकर भ्रम रहता है कि उगते हुए चंद्रमा को अर्घ्‍य देना चाहिए या फिर चंद्रमा जब अपने पूर्ण स्‍वरूप में आ जाए तब उसकी पूजा करनी चाहिए?

कई क्षेत्रों में करवा चौथ पर उगते हुए चंद्रमा को जवां चांद कहा जाता है और पूर्ण स्‍वरूप में आने के बाद उसे बूढ़ा माना जाता है। खास तौर पर उत्‍तरप्रदेश के कुछ इलाकों में लोक मान्‍यताओं के आधार पर जवां चंद्रमा की ही पूजा की जाती है। माना जाता है कि बूढ़े चंद्रमा की पूजा करने से पति के जीवन पर विपरीत असर पड़ता है।

इस विषय पर हमने वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर से जुड़े पंडित श्रीनाथ गोस्‍वामी से जब बात की तो उन्‍होंने कहा, "यह केवल एक लोकमान्‍यता है। धार्मिक शास्‍त्रों में इसका उल्‍लेख कहीं नहीं मिलता है।हां, यह जरूर कहा जा सकता है कि उगते हुए चंद्रमा की ऊर्जा भी अधिक होती है, इसलिए इस समय में अर्घ्‍य देना और पूजा करना दोनों ही फलदायी होता है।" चलिए जवां चंद्रमा की पूजा करने के अन्‍य लाभ भी जान लेते हैं।

दांपत्‍य जीवन में आती है मधुरता

चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है। इसे इसे शीतलता और शांति का प्रतीक भी माना जाता है।का प्रतीक भी माना जाता है। करवाचौथ पर उगते हुए चंद्रमा की पूजा करने से पति-पत्‍नी की बीच कलह दूर होता है और आपसी प्रेम बढ़ता है।

मानसिक शांति मिलती है

चंद्रमा को अर्घ्‍य देने से पति और पत्‍नी के संबंध में मधुरता आती है, जिससे मानसिक शांति बढ़ती है। चंद्रमा स्थिरता का भी प्रतीक है। ऐसे में जवां चंद्रमा की पूजा करने से रिश्‍ते में भी स्थिरता आती है।

सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है

करवाचौथ के दिन जवां चंद्रमा को अर्घ्‍य देने से सुख और समृद्धि की प्रप्ति होती है। इससे घर-परिवार और रिश्‍तों में सकारात्‍मक ऊर्जा बढ़ती है। रिश्‍तों में जो भी मन-मुटाव होता है वह भी दूर हो जाता है।

अत: चंद्रमा उगता हुआ हो या फिर पूर्ण स्‍वरूप में हो, करवा चौथ पर कभी भी उसे अर्घ्‍य देकर व्रत का पारण किया जा सकता है। यह लोकमान्‍यता है कि उगते हुए चंद्रमा को अर्घ्‍य देने से अधिक लाभ होता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।