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करवाचौथ 2026: चंद्रमा को अर्घ्‍य देते वक्‍त गलती से भी नहीं होनी चाहिए यह एक भूल

Published: Wed, 28 Oct 2026 06:38 PM (IST)

करवा चौथ 2026 पर चंद्रमा को अर्घ्य देना सबसे अहम माना जाता है। जानें अर्घ्य देते समय कौन सी एक ...और पढ़ें

चंद्रमा को अर्पित जल की पवित्रता कैसे बनाएं रखें? (Picture Credit- AI Generated)

चंद्रमा को अर्पित जल की पवित्रता कैसे बनाएं रखें? (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। करवाचौथ का व्रत के कुछ नियम होते हैं, खासतौर पर कुछ नियम चंद्रमा को अर्घ्‍य देने से जुड़े होते हैं। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को विधि-विधान से करवाचौथ की पूजा करने के बाद चंद्रमा के दर्शन किए जाते हैं और उन्हें अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है।

इस दौरान पूजा के नियमों कुछ न कुछ भूल-चूक हो जाती है, मगर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्रमा को अर्घ्य देते समय कुछ खास नियमों का ध्यान रखना जरूरी होता है। इनमें से एक नियम है चंद्रमा को अर्घ्य देते समय जल की धार या उसकी छींटें पैरों पर नहीं पड़नी चाहिए। आइए जानते हैं कि इस मान्यता के पीछे क्या धार्मिक महत्‍व है।

चंद्रमा को अर्घ्य देते समय पैरों पर क्यों नहीं पड़ना चाहिए जल?

हिंदू धर्म में सूर्य और चंद्रमा को देवस्वरूप माना गया है। पूजा-पाठ में जल अर्पित करने की परंपरा का विशेष महत्व है। करवाचौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य देना व्रत की प्रमुख विधि में से एक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवता को अर्पित किया जाने वाला जल पवित्र माना जाता है। इसलिए इस जल को पैरों से लगने या ऐसी जगह गिरने से बचाने की कोशिश करनी चाहिए, जिससे वह अपवित्र हो जाए।

स्‍कंद पुराण में करवा चौथ पर चंद्रमा को अर्घ्‍य देने के विधान और परंपरा पर बताया गया है कि यह बहुत ही शुभ होता है और इससे रिश्‍तों में मधुरता आती है। ऐसे में इतने पवित्र जल का पैरों में पड़ना पूजा के अनादर का संकेत होता है। ऐसी मान्यता है कि इससे पूजा का पूर्ण फल प्राप्त करने में बाधा आ सकती है।

अर्घ्य देते समय पानी की छींटों से कैसे बचें?

करवाचौथ की रात जब आप छलनी से चंद्रमा के दर्शन करने के बाद अर्घ्य दें, तो कुछ आसान बातों का ध्यान रख सकती हैं।

चंद्रमा को जल अर्पित करते समय अपने सामने एक साफ थाली या बड़ा पात्र रख लें। इससे जल जमीन पर बिखरने और पैरों पर छींटें पड़ने की आशंका कम हो सकती है।

अर्घ्य देते समय लोटे से धीरे-धीरे जल चढ़ाएं। बहुत ऊंचाई से या तेज धार में पानी डालने से बचें, क्योंकि इससे जल इधर-उधर गिर सकता है।

अर्घ्‍य देने से पहले आप नीचे कोई पवित्र पौधा भी रख सकती हैं। ऐसे में जल भी बेकार नही जाएगा और किसी पौधे के काम आएगा ।

करवाचौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य देने का क्या है महत्व?

करवाचौथ पर चंद्रमा की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। चंद्रमा को शीतलता, मन की शांति और सौम्यता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपने पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। कई परिवारों में चंद्रमा के दर्शन के बाद पति को छलनी से देखकर उनके हाथों से जल ग्रहण करने और व्रत खोलने की परंपरा भी निभाई जाती है।

अर्घ्य देते समय श्रद्धा, स्वच्छता और एकाग्रता बनाए रखना जरूरी माना जाता है। पूजा में छोटी-छोटी सावधानियां रखने से विधि को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में मदद मिलती है।

करवाचौथ की पूजा में इन बातों का भी रखें ध्यान

करवाचौथ के दिन पूजा से पहले पूजन सामग्री व्यवस्थित कर लें। चंद्रमा निकलने के बाद उनके दर्शन करें और अपने परिवार की परंपरा के अनुसार अर्घ्य अर्पित करें। पूजा करते समय जल्दबाजी न करें और जल को ऐसी जगह न गिरने दें, जहां किसी के पैर पड़ सकते हों।

अत: सबसे जरूरी बात यह है कि यदि अनजाने में जल की कुछ बूंदें पैरों पर पड़ जाएं, तो घबराएं नहीं। इसे लेकर मन में डर रखने के बजाय शांति से अपने हाथ-पैर साफ कर लें और श्रद्धापूर्वक पूजा में हुई भूल चूक के लिए माफी मांग लें।

इस करवाचौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य देते समय इन सावधानियों का ध्यान रखें और अपने व्रत को श्रद्धा और सकारात्मक भाव के साथ पूरा करें।

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