यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Kaal Sarp Dosh Upay: सता रहा है कालसर्प दोष, तो निवारण के लिए जरूर करें ये उपाय
ज्योतिषियों की मानें तो कुंडली के कुछ योग शुभ माने जाते हैं तो वहीं कुछ अशुभ परिणाम भी दे सकते ...और पढ़ें

HighLights
- अशुभ माना जाता है कालसर्प दोष।
- जीवन में बढ़ सकती हैं दिक्कतें।
- शिव जी की पूजा से मिल सकती है निजात।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में माना गया है कि कुंडली में कालसर्प योग होने पर व्यक्ति को जीवन में बहुत-सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। व्यक्ति के घर-परिवार से लेकर उसके करियर तक में दिक्कत बढ़ने लगती हैं। ऐसे में यदि आपको भी कालसर्प दोष परेशान कर रहा है, तो इसके लिए आप ये उपाय आजमा सकते हैं।
मिलने लगते हैं ये संकेत
जब कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के मध्य रहते हैं, तब कालसर्प दोष लगता है। ज्योतिष शास्त्र में ऐसा माना गया है कि कुंडली में कालसर्प योग बोने से व्यक्ति को बुरे सपने आने लगते हैं और डर के कारण बार-बार नींद खुल जाती है। साथ ही मन एक अज्ञात डर भी मन में बना रहता है।
साथ ही सपने में बार-बार सांप का दिखाई देना भी कालसर्प दोष का ही संकेत हो सकता है। कालसर्प दोष होने के कारण व्यक्ति को कड़ी मेहनत के बाद भी उसका अच्छा परिणाम नहीं मिलता। परिवार और कार्यक्षेत्र में हर समय वाद-विवाद की स्थिति बनी रहती है और शत्रुओं की संख्या भी बढ़ जाती है।
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करें ये काम
- नियमित रूप से शिव जी का पूजन और महामृत्युंजय का जप करें।
- गंगाजल में काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें।
- किसी पवित्र नदी में चांदी या तांबे से बना नाग-नागिन का जोड़ा प्रवाहित करें।
- शनिवार के दिन पीपल के पेड़ में जल अर्पित करें और सात परिक्रमा करें।
- गरीबों को काले कंबल आदि दान करें।
- उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर या नासिक में कालसर्प दोष की पूजा करवाएं।
- रोजाना भगवान विष्णु की पूजा करें और विष्णु चालीसा का पाठ करें।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
