नई दिल्ली, वेब डेस्क | Jyotish Upay, Dosh in Kundli: ज्योतिष शास्त्र में ग्रह दोष को बहुत विस्तार से बताया गया है। बता दें कि ज्योतिष में कई दोष हैं, जिनके कारण व्यक्ति के जीवन में उथल-पुथल की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि जब कुंडली में कोई दोष उत्पन्न होता है तो जीवन में कई प्रकार की समस्याएं पैदा हो जाती हैं, जिनके कारण व्यक्ति को तनाव व आर्थिक मोर्चे पर हानि होने का खतरा बढ़ जाता है। इन सभी में से 3 ऐसे दोष बताए गए हैं, जिनके कारण व्यवसाय, प्रेम, पारिवारिक रिश्ते, स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। यदि ये दोष किसी व्यक्ति की कुंडली में मौजूद होते हैं तो उन्हें कुछ ज्योतिष उपायों का पालन करने की सलाह दी जाती। ऐसा करने से वह कई प्रकार की समस्याओं से स्वयं को और परिवार को बचा सकते हैं। आइए जानते हैं-

पितृ दोष (Pitra Dosh)

पितृ दोष से लगभग सभी परिचित हैं। साथ ही वह ये भी जानते हैं कि जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष उत्पन्न होता है, उनसे उनके पूर्वज प्रसन्न नहीं है। इस दोष का निर्माण श्राद्ध कर्म न करने से या पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा ना करने से होता है। इसके साथ ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि पितृ दोष का निर्माण कुंडली में राहु के साथ सूर्य की युति या केतु व सूर्य की युति से होता है। इस दोष के कारण व्यक्ति को नौकरी में समस्या आती है, साथ ही उन्हें इस दौरान धन हानी का भी सामना करना पड़ता है।

पितृ दोष के उपाय

ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि पितृ दोष के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए व्यक्ति को काशी, हरिद्वार या गया में एक बार पिंडदान व तर्पण जरूर करना चाहिए। इसके साथ वह किसी पुरोहित से विधिवत पितृ दोष निवारण पूजा करा सकते हैं। साथ ही वह अमावस्या तिथि के सफेद गाय को हरि घास खिलाएं और रोजाना कौवों व पक्षियों को भोजन दें। इन उपायों का पालन करके व्यक्ति पितृ दोष के नकारात्मक प्रभाव कम कर सकते हैं।

काल सर्प दोष (Kaal Sarp Dosh)

ज्योतिष शास्त्र में कालसर्प दोष को बहुत खतरनाक बताया गया है। लेकिन इससे अधिक भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। बता दें कि जब कुंडली में राहु और केतु एक साथ आते हैं, तब इस दोष का निर्माण होता है। व्यक्ति कुंडली में कालसर्प दोष बनने से उसे कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। साथ ही उसका जीवन संघर्षपूर्ण हो जाता है और कई काम बनते-बनते बिगड़ने लगते हैं। जिस वजह से उसे आर्थिक, मानसिक व व्यवसायिक रूप से हानि होने लगती है।

कालसर्प दोष उपाय

जो लोग कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए उपाय ढूंढ रहे हैं, उन्हें सबसे पहले किसी पुरोहित से कालसर्प दोष निवारण पूजा करवाना चाहिए। साथ वह नित दिन भगवान गणेश और मां दुर्गा की पूजा करें। कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए हनुमान चालीसा और दुर्गा चालीसा के पाठ को भी बहुत उपयोगी बताया गया है। इसके साथ वह मंगलवार के दिन सांपों को दूध पिलाएं। ऐसा करने से उन्हें बहुत राहत मिलेगी।

मांगलिक दोष (Mangalik Dosh)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मांगलिक दोष की गणना भी नकारात्मक दोष में की जाती है। कुंडली में इस दोष के उत्पन्न होने से व्यक्ति को जीवन में तनाव का सामना करना पड़ता है। बता दें कि जब कुंडली में पहले, चौथे, सातवें, आठवें और बारहवें भाव में मंगल ग्रह विराजमान होता है, तब मांगलिक दोष उत्पन्न होता है। इस दोष के कारण वैवाहिक जीवन में कई प्रकार की समस्याएं आती हैं। इसलिए विवाह से पहले जातक की कुंडली में मांगलिक दोष है या नहीं इस बात का पता लगाया जाता है।

मांगलिक दोष के उपाय

मांगलिक दोष से मुक्ति के लिए व्यक्ति को हर दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए और उसे मंगल के प्रभाव को शांत करने के लिए अग्नि अनुष्ठान का आयोजन करना चाहिए। या वह किसी पुरोहित से मांगलिक दोष निवारण पूजा करवा सकता है। इसके साथ 108 बार 'ॐ भोमाय नमः' मंत्र का जाप करने से भी इस दोष से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही जातक हर मंगलवार के दिन मां दुर्गा की पूजा कर सकते हैं और मंदिर में दीपक जला सकते हैं।

डिसक्लेमर- इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।

Edited By: Shantanoo Mishra

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट