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    Janmashtami 2023: जन्माष्टमी के दिन राशि अनुसार करें लड्डू गोपाल का श्रृंगार, बनी रहेगी मुरलीधर की कृपा

    Shri Krishna Janmashtami 2023 जन्माष्टमी का त्योहार भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है। जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप लड्डू गोपाल की पूजा की जाती है। इस दिन लड्डू गोपल का श्रृंगार विशेष रूप से किया जाता है। आप भी अपनी राशि अनुसार लड्डू गोपाल का श्रृंगार कर सकते हैं। इससे आपको विशेष फल प्राप्त होगा।

    By Suman SainiEdited By: Suman SainiUpdated: Tue, 05 Sep 2023 10:28 AM (IST)
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    Janmashtami 2023 जन्माष्टमी के दिन राशि अनुसार करें लड्डू गोपाल का श्रृंगार।

    नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क। Laddu Gopal Shringar: हिंदू धर्म में कृष्ण जन्माष्टमी का विषेश महत्व है। यह पर्व मुख्य रूप से भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। जन्माष्टमी (Janmashtami) का त्योहार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन मनाया जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन लोग व्रत रखते हैं और भगवान श्री कृष्ण की पूजा करते हैं। इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी 6 सितंबर 2023, बुधवार के दिन मनाई जाएगी। जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर आप राशि अनुसार लड्डू गोपाल का श्रृंगार करके उनकी विशेष कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

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    मेष राशि

    मेष राशि के जातकों को कृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण का श्रृंगार लाल रंग के वस्त्रों से करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि कृष्ण का शृंगार लाल वस्त्रों से करने से व्यक्ति के दांपत्य जीवन में खुशी बनी रहती हैं साथ ही मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है।

    वृषभ राशि

    वृषभ राशि वाले लोगों को लड्डू गोपाल का श्रृंगार चांदी की वस्तुओं से करना चाहिए। ऐसा करने से वृषभ राशि के जातकों को भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

    मिथुन राशि

    मिथुन राशि वाले लोगों को भगवान कृष्ण (Shri Krishna Janmashtami) का श्रृंगार लहरिया प्रिंट वाले वस्त्रों से करना चाहिए। ऐसा करने से साहस और पराक्रम की प्राप्ति होती है।

    कर्क राशि

    कर्क राशि के लोगों को जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान कृष्ण का श्रृंगार सफेद रंग के वस्त्रों से करना शुभ माना गया है। ऐसा करने से व्यक्ति को हर कार्य में सफलता मिलती है।

    सिंह राशि

    सिंह राशि में जन्मे लोगों को भगवान कृष्ण का श्रृंगार गुलाबी रंग के वस्त्रों से करना चाहिए। इसके अलावा आप भगवान कृष्ण को अष्टगंध का तिलक भी लगा सकते हैं। इससे व्यक्ति के मान सम्मान में वृद्धि होती है।

    यह भी पढ़ें - Janmashtami 2023: जन्माष्टमी पर घर लाना चाहते हैं लड्डू गोपाल, तो पहले जान लें उनकी सेवा के नियम

    कन्या राशि

    कन्या राशि के जातकों को जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर भगवान कृष्ण का श्रृंगार हरे रंग के वस्त्रों से करना चाहिए। भगवान कृष्ण के श्रृंगार में चंदन का उपयोग भी कर सकते हैं। ऐसा करने से जातकों पर भगवान कृष्ण की कृपा सदैव बनी रहती है।

    तुला राशि

    तुला राशि के जातक जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण का केसरिया रंग के वस्त्रों से श्रृंगार कर सकते हैं। ऐसा करने से व्यक्ति को सभी प्रकार की आर्थिक समस्याओं से जल्द छुटकारा मिलता है।

    वृश्चिक राशि

    वृश्चिक राशि के लोग भगवान कृष्ण का श्रृंगार लाल रंग के वस्त्रों से कर सकते हैं। ऐसा करने से भगवान कृष्ण सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं, जिससे व्यक्ति के आर्थिक लाभ के योग बनते हैं।

    धनु राशि

    धनु राशि के जातकों को भगवान कृष्ण का श्रृंगार जन्माष्टमी के दिन पीले रंग के वस्त्रों से करना चाहिए। ऐसा करने से जातक के जीवन में आ रही सभी प्रकार की परेशानियां दूर हो जाती हैं।

    मकर राशि

    मकर राशि के लोगों को कृष्ण जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल का श्रृंगार पीले और लाल रंग के वस्त्रों से करना चाहिए। इसके साथ ही आप उन्हें पीले या लाल रंग के कुंडल भी पहना सकते हैं। ऐसा करने से कृष्ण जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और व्यक्ति की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

    कुंभ राशि

    कुंभ राशि के जातक कृष्ण जन्माष्टमी के दिन  नीले रंग के वस्त्रों से लड्डू गोपाल का श्रृंगार कर सकते हैं। ऐसा करने से कुंभ राशि के लोगों को अपने जीवन में हर क्षेत्र में सफलता मिलती है।

    मीन राशि

    मीन राशि में जन्मे लोग जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप का श्रृंगार पितांबर रंग के वस्त्रों से कर सकते हैं। साथ ही उन्हें पीले रंग के कुंडल भी पहनाने चाहिए। ऐसा करने से जातक का जीवन सुखमय बीतता है।

    डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'