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सावधान! इंदिरा एकादशी के दिन भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां, रूठ जाएंगे कई पीढ़ियों के पूर्वज

Published: Sun, 04 Oct 2026 05:41 PM (IST)

इंदिरा एकादशी आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में पितृ पक्ष के दौरान आती है, जो भगवान विष्णु और पूर्वजों को ...और पढ़ें

इंदिरा एकादशी पर न करें ये गलतियां, मिलेगा पूर्वजों का आशीर्वाद (Picture Credit: AI Generated)

इंदिरा एकादशी पर न करें ये गलतियां, मिलेगा पूर्वजों का आशीर्वाद (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. इंदिरा एकादशी पर तामसिक भोजन और क्रोध करने से बचें।

  2. बुजुर्गों का सम्मान करें, उन्हें सताने से पितृ दोष लगता है।

  3. पितरों के लिए तर्पण और दान करना अत्यंत आवश्यक है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। इंदिरा एकादशी आश्विन महीने के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। यह पितृ पक्ष के दौरान पड़ती है, इसलिए यह दिन पूर्वजों को समर्पित होता है। इस साल इंदिरा एकादशी 6 अक्टूबर को मनाई जाएगी।

इस दिन भगवान विष्णु की पूजा सच्चे ह्रदय और विधि-विधान के साथ की जाती है और वहीं यह दिन पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए भी विशेष माना जाता है। इस तिथि को आध्यात्मिक शुद्धि का दिन भी माना जाता है। इंदिरा एकादशी का महत्व हिंदू धर्म में बहुत अधिक माना जाता है।

इस दिन लोग पूर्वजों को खुश करने के लिए तर्पण और पिंड दान जैसे कर्म करते हैं। वहीं अगर आप इस दिन कुछ गलतियां करते हैं, तो पूजा का पूर्ण फल भी नहीं मिलता है और पूर्वज भी आपसे नाराज हो सकते हैं। आइए जानें इंदिरा एकादशी पर आपको कौन से काम नहीं करने चाहिए।

तामसिक भोजन करना

एकादशी के दिन लोग विष्णु जी को प्रसन्न करने के लिए व्रत-उपवास करते हैं। ऐसे में यदि आप इस दिन तामसिक भोजन करेंगे तो कभी भी विष्णु जी की पूजा का फल नहीं मिलेगा कर न ही पूर्वजों की कृपा प्राप्त होगी। आपको इस दिन मुख्य रूप से लहसुन-प्याज और अन्य तामसिक चीजों को भोजन में शामिल करने से बचना चाहिए।

ज्यादा क्रोध करना

इंदिरा एकादशी की तिथि विष्णु जी के पूजन के लिए विशेष मानी जाती है। अगर आप इस दिन श्रद्धा से ईश्वर का पूजन करते हैं और पूर्वजों के लिए आभार व्यक्त करते हैं, तो जीवन में सदैव उनकी कृपा बनी रहती है।

वहीं अगर आप इस दिन बिना वजह किसी पर भी क्रोध करते हैं या किसी को भी अपशब्द कहते हैं, तो पूजा स्वीकार्य नहीं मानी जाती है। आप इस दिन किसी के ऊपर भी क्रोध करने से बचें।

बुजुर्गों को सताना

ऐसा माना जाता है कि आपके पूर्वज सबसे ज्यादा नाराज तभी होते हैं, जब आप घर के बड़े-बुजुर्गों का सम्मान नहीं करते हैं। इंदिरा एकादशी के दिन आप भूलकर भी किसी बुजुर्ग को परेशान न करें, नहीं तो घर में पितृ दोष लग सकता है। इस दिन आपको सभी से अच्छा व्यवहार करना चाहिए।

पितरों के लिए तर्पण न करना

अगर आप इंदिरा एकादशी के दिन किसी भी कारण से पूर्वजों के नाम से तर्पण नहीं करते हैं, तो इससे आपके पितर नाराज हो सकते हैं और घर में पितृ दोष लग सकता है। आपको इस दिन तर्पण, पिंड दान और पूर्वजों के नाम से दान अवश्य करना चाहिए।

अगर आप भी इंदिरा एकादशी के दिन यहां बताई गलतियों में से कोई भी गलती करेंगे, तो पूर्वजों के आशीर्वाद से वंचित रहेंगे।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।