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Indira Ekadashi 2026 Date: कब है इंदिरा एकादशी? नोट करें शुभ मुहूर्त और दुर्लभ संयोग

Published: Sun, 01 Mar 2026 12:35 PM (IST)Updated: Sun, 01 Mar 2026 01:41 PM (IST)

इंदिरा एकादशी (Indira Ekadashi 2026 Date) के दिन मंगलकारी सिद्ध और साध्य योग समेत कई शुभ योग बन रहे हैं। ...और पढ़ें

Indira Ekadashi 2026 Date: इंदिरा एकादशी का धार्मिक महत्व

Indira Ekadashi 2026 Date: इंदिरा एकादशी का धार्मिक महत्व

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में आश्विन महीने का खास महत्व है। यह महीना जगत की देवी मां दुर्गा को समर्पित होता है। आश्विन महीने में शारदीय नवरात्र मनाया जाता है। इस दौरान जगत की देवी मां दुर्गा और उनके नौ रूपों की पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त नवरात्र का व्रत रखा जाता है। इस व्रत के पुण्य-प्रताप से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है।

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आश्विन महीने में इंदिरा और पापाकुंशा एकादशी मनाई जाती है। एकादशी तिथि पर लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करने से साधक के सकल मनोरथ सिद्ध हो जाते हैं। साथ ही साधक पर लक्ष्मी नारायण जी की कृपा बरसती है। आइए, इंदिरा एकादशी की सही तिथि और शुभ मुहूर्त जानते हैं-

कब मनाई जाती है इंदिरा एकादशी?

हर साल आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर अमावस्या तिथि तक पितृ पक्ष मनाया जाता है। इस दौरान पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है। वहीं, पितृ पक्ष के दौरान एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन व्रत रखने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

इंदिरा एकादशी शुभ मुहूर्त (Indira Ekadashi Shubh Muhurat)

वैदिक पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 06 अक्टूबर को देर रात 02 बजकर 07 मिनट पर होगी। वहीं, एकादशी तिथि का समापन 07 अक्टूबर को देर रात 12 बजकर 34 मिनट पर होगा। सनातन धर्म में सूर्योदय से तिथि की गणना की जाती है। इसके लिए 06 अक्टूबर को इंदिरा एकादशी मनाई जाएगी।

इंदिरा एकादशी पारण (Indira Ekadashi Paran Timing)

06 अक्टूबर के दिन इंदिरा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इसके अगले दिन यानी 07 अक्टूबर को इंदिरा एकादशी का पारण किया जाएगा। साधक 07 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 17 मिनट से लेकर 08 बजकर 38 मिनट के मध्य स्नान-ध्यान के बाद पूजा-पाठ कर व्रत खोल सकते हैं। वहीं, व्रत खोलने से पहले अन्न और धन का दान अवश्य करें।


पंचांग

  • सूर्योदय - सुबह 06 बजकर 17 मिनट पर
  • सूर्यास्त - शाम 06 बजकर 01 मिनट पर
  • ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 39 मिनट से 05 बजकर 28 मिनट तक
  • विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 06 मिनट से 02 बजकर 53 मिनट तक
  • गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 01 मिनट से 06 बजकर 26 मिनट तक
  • निशिता मुहूर्त - रात्रि 11 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 34 मिनट तक

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।