कहीं आप पर भी तो नहीं चल रही राहु की महादशा, इन खतरनाक संकेतों से अभी करें पहचान
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहु की महादशा 18 साल तक चलती है और इसके अशुभ प्रभावों से व्यक्ति को मानसिक ...और पढ़ें
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कितने समय तक रहती है राहु की महादशा? (Picture Credit: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में राहु को शक्तिशाली ग्रह माना जाता है। राहु को इच्छाओं, रहस्य और अचानक होने वाले बदलावों का कारक माना जाता है। राहु की महादशा के दौरान व्यक्ति के जीवन में कई बदलाव आते हैं।
ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि अगर कुंडली में राहु शुभ स्थिति में होता है, तो व्यक्ति को शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं, लेकिन अशुभ स्थिति में होने से शारीरिक और मानसिक समस्या का सामना करना पड़ सकता है। राहु के अशुभ परिणाम से बचने के लिए उपायों की मदद ली जा सकती है।
क्या आप जानते हैं कि राहु की महादशा कितने समय तक चलती और इससे कौन से कौन संकेत मिलते हैं। आइए जानते हैं कि इसके बारे में विस्तार से।
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(Picture Credit: AI Generated)
कब तक चलती है राहु की महादशा?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहु की महादशा 18 साल तक चलती है। कुंडली में राहु कमजोर होने पर व्यक्ति को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है और काम में मन नहीं लगता।
राहु की महादशा के संकेत
मानसिक तनाव- अगर आप जीवन में किसी भय या फिर मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं, तो इसे राहु की महादशा का संकेत माना जाता है। राहु की महादशा के दौरान व्यक्ति के द्वारा फैसले लेने की क्षमता कम हो जाती है।
अचानक धन हानि- इसके अलावा राहु की महादशा के दौरान व्यक्ति को धन की हानि का सामना करना पड़ता है। कर्ज की समस्या उत्पन्न होती है। बिना वजह के बड़े खर्च आ सकते है।
रिश्तों में खटास आना- अगर आपके परिवार के किसी सदस्य से कोई अनबन चल रही है या फिर रिश्ते में खटास आ गई है, तो इसे राहु की महादशा का संकेत माना जाता है। इसके अलावा व्यक्ति राहु के महादशा के समय गलत संगति में पड़ जाता है, जिसकी वजह से जीवन पर नकारत्मक प्रभाव पड़ता है।
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कैसे दूर करें राहु का दुष्प्रभाव
- धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से राहु का दुष्प्रभाव दूर होता है। सोमवार और शनिवार के दिन विधिपूर्वक रुद्राभिषेक करना चाहिए। पूजा के दौरान 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जरूर जाप करें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से जीवन में शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
- इसके अलावा राहु के दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए रोजाना पूजा के दौरान राहु के बीज मंत्र 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' का सच्चे मन से जप करना चाहिए।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
