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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Hindu Calendar Months 2021: हिंदी पंचांग के 12 मास, जानें कब होगा प्रारंभ और कब होगा समाप्त

By Shilpa SrivastavaEdited By:
Published: Wed, 09 Dec 2020 10:00 AM (IST)Updated: Wed, 09 Dec 2020 03:50 PM (IST)

Hindu Calendar Months 2021 अंग्रेजी महीनों के नाम तो आप सभी को पता ही होंगे। जब भी कोई पूछता है ...और पढ़ें

Hindu Calendar Months 2021: हिंदी पंचांग के 12 मास, जानें कब होगा प्रारंभ और कब होगा समाप्त
Hindu Calendar Months 2021: हिंदी पंचांग के 12 मास, जानें कब होगा प्रारंभ और कब होगा समाप्त

Hindu Calendar Months 2021: अंग्रेजी महीनों के नाम तो आप सभी को पता ही होंगे। जब भी कोई पूछता है कि एक वर्ष में कौन-कौन से महीने होते हैं तो हम सभी जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल, मई आदि 12 महीनों के नाम लेने लगते हैं। हालांकि, यह अंग्रेजी कैलेंडर के नाम हैं। लेकिन भारतीय पंचांग के अनुसार महीनों के नाम क्या-क्या होते हैं क्या आप यह जानते हैं। वैसे तो कई लोग हिंदी महीनों के नाम भी जानते होंगे। लेकिन जिन्हें नहीं पता उन्हें जागरण अध्यात्म के इस लेख में हम आपको हिंदी महीनों के नाम बताने जा रहे हैं। तो आइए जानते हैं भारतीय कैलेंडर के महीनों के बारे में।

जानें भारतीय महीनों के बारे में:

हिंदू पंचांग के अनुसार भी एक वर्ष में 12 महीने ही होते हैं। लेकिन इनमें कुछ काफी विविधताएं होती हैं। चंद्र वर्ष व सूर्य वर्ष दोनों के महीने अलग-अलग होते हैं। सूर्य की संक्रांति से आरंभ होता है सूर्य मास। वहीं, चंद्र मास पूर्णिमांत और अमांत दो प्रकार के होते हैं। हिंदू महीनों का नाम नक्षत्रों के नाम के अनुसार रखे गए हैं। किसी भी महीने की पूर्णिमा तिथि को चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है, उसी के आधार पर किसी भी महीने का नाम रखा गया है। हिंदू नववर्ष का आरंभ चैत्र मास से होता है। वहीं, वर्ष का अंत फाल्गुन माह में होता है।

मास व तिथि:

हिंदू महीना भी 30 दिन का ही होता है। पूर्णिमांत मास का समापन पूर्णिमा को होता है। वहीं, अमांत मास का समापन अमावस्या को होता है। इन दोनों का महत्व शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग है। जहां उत्तर भारत में पूर्णिमांत मास का प्रचलन है तो वहीं, दक्षिण में अमांत की मान्यता ज्यादा है। मास की पहली तिथि प्रतिपदा होती है। फिर द्वितीया, तृतीया आदि चतुर्दशी तक चौदह तिथियां आती हैं। इसके बाद पंद्रहवीं तिथि पूर्णिमा या अमावस्या होती है। जब चंद्रमा बढ़ते क्रम में होता है तो वह शुक्ल पक्ष कहा जाता है। आइए पंचांग के बारे में जानें विस्तार से।

2021 में हिंदू पंचांग मास की जानकारी:

पौष- 31 दिसंबर 2020 से 28 जनवरी 2021

माघ- 29 जनवरी से 27 फरवरी 2021

फाल्गुन- 28 फरवरी से 28 मार्च 2021

चैत्र- 29 मार्च से 27 अप्रैल 2021

वैशाख- 28 अप्रैल 26 मई 2021

ज्येष्ठ- 27 मई से 24 जून 2021

आषाढ़- 25 जून से 24 जुलाई 2021

श्रावण- 25 जुलाई से 22 अगस्त 2021

भाद्रपद- 23 अगस्त से 20 सितंबर 2021

आश्विन- 21 सितंबर से 20 अक्तूबर 2021

कार्तिक- 21 अक्तूबर से 19 नवंबर 2021

मार्गशीर्ष- 20 नवंबर से 19 दिसंबर 2021

पौष- 20 दिसंबर 2021 से 17 जनवरी 2022

डिसक्लेमर

'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी। '