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देवदार से चंपा और कनेर तक, हरतालिका तीज की पूजा सामग्री में 16 तरह की पत्रियां होती हैं जरूरी

Published: Sat, 12 Sep 2026 09:00 AM (IST)

14 सितंबर को सुहागिनों का खास पर्व हरतालिका तीज है। शिव-पार्वती की कृपा पाने के लिए पूजा में 16 तरह ...और पढ़ें

हरतालिका तीज की पूजा सामग्री लिस्ट (AI-Generated Image)

हरतालिका तीज की पूजा सामग्री लिस्ट (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हरतालिका तीज (Hartalika Teej 2026) का पावन पर्व अब बस दो दिन दूर है। यह व्रत शिव-पार्वती के अटूट प्रेम और माता पार्वती की कठोर तपस्या का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुखी पारिवारिक जीवन के लिए निर्जला (बिना पानी पिए) व्रत रखती हैं।

हरतालिका तीज की पूजा बहुत खास होती है। इसमें सिर्फ कठिन व्रत ही नहीं, बल्कि प्रकृति से जुड़ी चीजें भी बहुत अहमियत रखती हैं। आइए आपको बताते हैं कि इस व्रत में पूजा की थाली में क्या-क्या होना जरूरी माना जाता है।

पूजा में जरूरी 16 तरह की पत्तियां

तीज की पूजा में भोलेनाथ और माता पार्वती को 16 तरह की पत्तियां (जिन्हें पत्रियां भी कहते हैं) चढ़ाने का विधान है। इन्हीं पत्तियों से पूजा का मंडप और 'फुलेरा' सजाया जाता है। इनमें बेलपत्र, तुलसी, जातीपत्र, सेवंतिका, बांस, देवदार, चंपा, कनेर, अगस्त्य, भृंगराज, धतूरे के पत्ते, आम, अशोक, पान, केले और शमी के पत्ते शामिल होते हैं। भगवान शिव को बेलपत्र और शमी चढ़ाया जाता है, जबकि आम और केले के पत्तों का इस्तेमाल घर और मंडप की सजावट के लिए किया जाता है।

ये 2 खास फूल खासतौर पर चढ़ाएं

भगवान शिव को उनके प्रिय आक और धतूरे के फूल भी जरूर अर्पित करें। कई लोग पूजा में धतूरे का फल भी रखते हैं। वहीं, माता पार्वती को लाल गुड़हल या लाल गुलाब का फूल चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है।

पूजा की थाली ऐसे करें तैयार

इस दिन भगवान की मिट्टी की मूर्ति बनती है। इसलिए साफ गीली काली मिट्टी या बालू (रेत) का इंतजाम कर लें। इससे शिव जी, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा बनाई जाती है। इसके बाद चौकी सजाने के लिए लाल या पीला कपड़ा, कलश, रोली, कुमकुम, चावल (अक्षत), चंदन, सिंदूर, जनेऊ, मौली (लाल धागा), धूप-बत्ती, दीपक, कपूर, जटा वाला नारियल, सुपारी, पान के पत्ते, मौसमी फल, मिठाई और पंचामृत इकट्ठा कर लें।

माता पार्वती को चढ़ाएं सुहाग का सामान

हरतालिका तीज की पूजा 'सोलह श्रृंगार' के बिना अधूरी है। माता पार्वती को चढ़ाने के लिए सिंदूर, लाल बिंदी, चूड़ियां, मेहंदी, पैरों की बिछिया, काजल, कंघी, आलता (महावर) और छोटा शीशा जरूर खरीदें। माता को ये चीजें चढ़ाने से दांपत्य जीवन सुखी रहता है। पूजा के बाद इस सुहाग सामग्री को किसी सुहागिन महिला को दान करने की भी पुरानी परंपरा है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।

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