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    Guru Nanak Jayanti 2023: गुरुपर्व पर जानें गुरु नानक देव जी के ये अनमोल विचार, जो जीवन जीने की दिखाते हैं नई राह

    Guru Nanak Dev Ji गुरु नानक जयंती को लोग गुरुपर्व (Gurupurab) या गुरु नानक का प्रकाश के रूप में भी जानते हैं। इस साल यह 27 नवंबर को मनाया जा रहा है। इस विशेष दिन पर लोग सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ करते हैं। ऐसे में आज गुरु नानक देव जी के अनमोल वचन को जानना भी बेहद जरूरी है तो आइए जानते हैं -

    By Vaishnavi DwivediEdited By: Vaishnavi DwivediUpdated: Mon, 27 Nov 2023 11:25 AM (IST)
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    Guru Nanak Dev Ji inspirational Quotes -

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Guru Nanak Jayanti 2023: गुरु नानक जयंती सिख धर्म में बेहद महत्वपूर्ण मानी गई है। इसे लोग नानक देव जी गुरुपर्व (Gurupurab) या गुरु नानक का प्रकाश के रूप में भी जानते हैं। इस साल यह पर्व 27 नवंबर यानी आज मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर लोग सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ, गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ करते हैं।

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    ऐसे में आज गुरु नानक देव जी के अनमोल वचन को जानना भी बेहद जरूरी है, जिनसे बहुत कुछ सीखा जा सकता है। तो आइए जानते हैं -

    • 'सांसारिक प्रेम को जलाओ, राख को रगड़ो और उसकी स्याही बनाओ, हृदय को कलम बनाओ, बुद्धि को लेखक बनाओ, वह लिखो जिसका कोई अंत या सीमा न हो।'
    • 'ईश्वर एक ही है। उसका नाम सत्य है, वह सृष्टिकर्ता है। वह किसी से नहीं डरता, वह घृणा रहित है। वह कभी नहीं मरता, वह जन्म और मृत्यु के चक्र से परे है। वह स्वयं प्रकाशित है।'
    • 'यदि लोग ईश्वर द्वारा दिए गए धन का उपयोग केवल अपने लिए या उसे संजोकर रखने के लिए करते हैं, तो यह एक लाश के समान है। लेकिन यदि वे इसे दूसरों के साथ साझा करने का निर्णय लेते हैं, तो यह पवित्र भोजन बन जाता है।'
    • 'केवल मूर्ख ही बहस करते हैं कि मांस खाना चाहिए या नहीं, वे सत्य को नहीं समझते हैं, न ही उस पर ध्यान करते हैं। कौन परिभाषित कर सकता है कि मांस क्या है और पौधा क्या है? कौन जानता है कि पाप कहां है, शाकाहारी होना या गैर- शाकाहारी?'
    • 'सबसे बड़ी सुख-सुविधा और शांति तब प्राप्त होती है, जब कोई अपने अंदर से स्वार्थ को मिटा देता है।'
    • 'रस्सी की अज्ञानता के कारण रस्सी सांप प्रतीत होती है, स्वयं की अज्ञानता के कारण स्वयं के व्यक्तिगत, सीमित, अभूतपूर्व पहलू की क्षणिक स्थिति उत्पन्न होती है।'
    • 'राजा जिनके पास संपत्ति का पहाड़ और धन का सागर है - ये उस चींटी के बराबर भी नहीं हैं, जो भगवान को नहीं भूलती है।'

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    डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'