घर की गंदगी देख तुरंत आ जाती हैं मां लक्ष्मी की बड़ी बहन 'अलक्ष्मी'! पढ़ें दरिद्रता की देवी की हैरान करने वाली कथा
दीवाली पर मां लक्ष्मी के साथ उनकी बड़ी बहन अलक्ष्मी का भी जिक्र होता है, जिन्हें दरिद्रता का प्रतीक माना ...और पढ़ें

मां लक्ष्मी की बड़ी बहन अलक्ष्मी कौन हैं? (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
अलक्ष्मी को मां लक्ष्मी की बड़ी बहन माना जाता है।
उनकी उत्पत्ति समुद्र मंथन से हुई थी, लक्ष्मी से पहले।
गंदगी और कलह वाले घरों में अलक्ष्मी का वास होता है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। दीवाली के अवसर पर धन की देवी मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर जी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, दीवाली की रात पूजा करने से धन लाभ के योग बनते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि के योग बनते हैं। साथ ही जीवन में कभी भी कोई कमी नहीं होती है।
शायद ही बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी होगी कि मां लक्ष्मी की एक बड़ी बहन भी है, जिनका नाम अलक्ष्मी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अलक्ष्मी को दरिद्रता, दुर्भाग्य, कलह और दुख का प्रतीक मानी जाती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते हैं अलक्ष्मी की उत्पत्ति कैसे हुई?
अलक्ष्मी की उत्पत्ति कैसे हुई?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां लक्ष्मी और अलक्ष्मी दोनों की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान हुई थी। जब देवताओं और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया था, तब उसमें से कई रत्न निकले थे। इन्हीं में से सबसे पहले देवी अलक्ष्मी प्रकट हुई थीं, जो दिखने में कुरूप थीं और उनके बाल बिखरे हुए थे।
इसके कुछ समय बाद उसी मंथन से मां लक्ष्मी भी प्रकट हुईं, जो अत्यंत सुंदर और तेजमयी थीं। माना जाता है कि अलक्ष्मी, लक्ष्मी जी से पहले प्रकट हुई थीं, इसलिए उन्हें बड़ी बहन कहा जाता है।
ग्रंथों में इस बात का भी जिक्र है कि मां लक्ष्मी हमेशा साफ-सफाई, शांति और भक्ति वाले स्थानों पर वास करती हैं, जबकि अलक्ष्मी ऐसे घरों में प्रवेश करती हैं जहां गंदगी, क्लेश, आलस्य और झूठ का वास होता है। यही कारण है कि दिवाली के दिन लोग अपने घरों की विशेष साफ-सफाई करते हैं, ताकि मां लक्ष्मी का आगमन हो और देवी अलक्ष्मी दूर रहें।
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