आज इन 3 शुभ मुहूर्तों पर दें बप्पा को विदाई, बुधवार के दिन 'गणेश विसर्जन' करते वक्त जरूर करें ये 3 काम
गणेश चतुर्थी के तीसरे दिन गणपति विसर्जन के लिए आज तीन शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। विसर्जन से पहले उत्तर ...और पढ़ें
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गणेश विसर्जन: तीसरे दिन बप्पा को विदाई देने के शुभ मुहूर्त और आवश्यक अनुष्ठान
HighLights
शुभ मुहूर्त में करें गणपति विसर्जन, सुख-समृद्धि बनी रहेगी।
विसर्जन से पहले उत्तर पूजा और अंतिम भोग अवश्य लगाएं।
अंतिम आरती कर क्षमा प्रार्थना करें, मूर्ति को थोड़ा खिसकाएं।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। गणेश चतुर्थी के दिन घर में गणपति बप्पा की स्थापना करने के बाद भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार डेढ़ दिन, तीसरे दिन, पांचवें दिन या अनंत चतुर्दशी के दिन उनका विसर्जन करते हैं। जो भक्त गणेश जी का विसर्जन स्थापना के तीसरे दिन करने का संकल्प लेते हैं, उनके लिए आज, बुधवार को बप्पा की विदाई के लिए तीन शुभ समय बताए गए हैं।
एस्ट्रोपत्री के ज्योतिष शास्त्री बृज गौतम के अनुसार, " शुभ मुहूर्त में गणपति जी का विसर्जन करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और भगवान गणेश अपने भक्तों के सभी विघ्न दूर करते हैं।" चलिए जानते हैं कि आज कौन-कौन से मुहूर्तों पर गणेश जी का विसर्जन किया जा सकता है।
16 सितंबर को गणेश विसर्जन के शुभ मुहूर्त
तीसरे दिन गणपति विसर्जन करने वाले भक्त इन शुभ समय में बप्पा की विदाई कर सकते हैं:
- सुबह 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक- शुभ
- दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से शाम 6 बजकर 24 मिनट तक- चर और लाभ
- शाम 7 बजकर 52 मिनट से रात 12 बजकर 17 मिनट तक- शुभ, अमृत और चर
आप अपनी सुविधा और पूजा के समय अनुसार इनमें से किसी एक शुभ समय में गणेश जी का विसर्जन कर सकते हैं।
विसर्जन से पहले करें उत्तर पूजा और अंतिम भोग
- गणपति विसर्जन से पहले बप्पा की विधि-विधान से उत्तर पूजा या विदाई पूजा करें। इसके लिए सबसे पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थान को साफ करें। गणेश जी को फूल, दूर्वा, अक्षत और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें।
- इसके बाद बप्पा को उनका अंतिम भोग लगाएं। इस दिन गणपति जी को मोदक या लड्डू का भोग लगाना शुभ माना जाता है। परिवार के सभी सदस्य श्रद्धा के साथ पूजा में शामिल हों।
परिवार के साथ करें अंतिम आरती और क्षमा प्रार्थना
विदाई पूजा के बाद गणपति जी की अंतिम आरती करें। आरती के दौरान परिवार के सभी सदस्य बप्पा से घर की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करें। पूजा के दौरान जाने-अनजाने में हुई किसी भी भूल के लिए भगवान गणेश से हाथ जोड़कर क्षमा प्रार्थना करें। उनसे प्रार्थना करें कि वे परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखें और जीवन के सभी विघ्न दूर करें।
बप्पा को थोड़ा आगे खिसकाएं
विसर्जन से पहले गणपति जी की मूर्ति को उनके स्थान से थोड़ा आगे की ओर खिसकाने की भी परंपरा है। इसके लिए अपने दाहिने हाथ से बप्पा की मूर्ति को थोड़ा आगे की ओर खिसकाएं। इसे गणपति जी के कैलाश प्रस्थान का संकेत माना जाता है।
इसके बाद एक साफ कपड़े में मोदक, दूर्वा, धान, सुपारी और दक्षिणा रखकर पोटली तैयार करें। यह पोटली बप्पा के पास रखी जाती है और भाव यह होता है कि भगवान गणेश अपने कैलाश धाम की यात्रा पर जा रहे हैं, तो यात्रा के वक्त उन्हें कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए, उनकी जरूरत का सारा सामान पोटली में होना चाहिए।
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