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Diwali 2026: सामग्री से लेकर शुभ मुहूर्त और मंत्रों तक, यहां पढ़ें दीवाली पूजा की पूरी और सटीक विधि

Published: Sun, 08 Nov 2026 06:30 AM (IST)

हिंदू धर्म में दीवाली 2026 (Diwali 2026) का विशेष महत्व है, जो 8 नवंबर को मनाई जा रही है। इस ...और पढ़ें

आज बन रहा है दुर्लभ आयुष्मान योग (Picture Credit: AI Generated)

आज बन रहा है दुर्लभ आयुष्मान योग (Picture Credit: AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में दीवाली (Diwali 2026) के पावन पर्व का विशेष महत्व है। वैदिक पंचांग के अनुसार, यह पर्व आज यानी 8 नवंबर को मनाया जा रहा है। इस दिन घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की प्राप्ति के लिए मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, लक्ष्मी पूजा का पूरा फल व्यक्ति को तभी मिलता है, जब इसे शुभ मुहूर्त में किया जाए। ऐसा माना जाता है कि गलत समय या राहुकाल में पूजा करने से शुभ फल प्राप्त नहीं होता है। इस बार दीवाली पर 'आयुष्मान योग' समेत कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। अगर आप दीवाली (Diwali 2026 Lakshmi Puja Muhurat) पर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो आइए आपको विस्तार से बताते हैं दीवाली पर पूजा के शुभ मुहूर्त और विधि के बारे में।

दीवाली पूजा सामग्री लिस्ट (Diwali Puja Samagri List)

लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति या तस्वीर, लकड़ी की चौकी, लाल कपड़ा, कलश, नारियल (जटा वाला), रोली या कुमकुम, अक्षत, कलावा, गंगाजल, पान-सुपारी, फूल और माला, धूप-अगरबत्ती, कपूर, मिट्टी के दीये, घी या तेल, रुई की बत्ती, खील-बताशे, मिठाई (प्रसाद), पंचामृत और सिक्का।

दीवाली 2026 डेट और टाइम (Diwali 2026 Date and Time)

कार्तिक अमावस्या की तिथि की शुरुआत - 08 नवंबर को रात 11 बजकर 27 मिनट पर
कार्तिक अमावस्या की तिथि का समापन - 09 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार दीवाली का पर्व आज यानी 08 नवंबर को मनाया जा रहा है।

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(Picture Credit: AI Generated)

दीवाली 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त (Diwali 2026 Shubh Muhurat)

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त - शाम 05 बजकर 54 मिनट से रात 07 बजकर 50 मिनट तक
प्रदोष काल - शाम 05 बजकर 31 मिनट से रात 08 बजकर 09 मिनट तक
वृषभ काल - शाम 05 बजकर 54 मिनट से रात 07 बजकर 50 मिनट तक

अन्य शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 59 मिनट से 05 बजकर 50 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 06 मिनट से 02 बजकर 50 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 48 मिनट से 06 बजकर 13 मिनट तक
निशिता मुहूर्त - रात्रि 11 बजकर 49 मिनट से 12 बजकर 41 मिनट तक
अमृत काल - रात 10 बजकर 02 मिनट से 11 बजकर 44 मिनट तक

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(Picture Credit: AI Generated)

दीवाली पूजा विधि (Diwali Puja Vidhi)

  • दीवाली की शाम को शुभ मुहूर्त में एक चौकी पर कपड़ा बिछाकर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करें।
  • पास में जल से भरा एक कलश रखें और शुद्ध घी का दीपक व अगरबत्ती जलाएं।
  • मूर्तियों पर थोड़ा गंगाजल छिड़कें।
  • इसके बाद भगवान गणेश और मां लक्ष्मी को रोली, अक्षत, फूल और कमलगट्टा अर्पित करें।
  • देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें।
  • लक्ष्मी चालीसा का पाठ और मंत्रों का जप करें।
  • खील, बताशे, फल और मिठाइयों का भोग लगाएं।
  • सुख-शांति की प्रार्थना करें और अंत में पूरे घर को दीयों से सजाएं।
  • आखिर में लोगों को प्रसाद बांटे।

मां लक्ष्मी के प्रमुख मंत्र

श्री लक्ष्मी महामंत्र:
ॐ श्रीं क्लीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा

श्री लक्ष्मी बीज मंत्र:
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मी नम:

मां लक्ष्मी गायत्री मंत्र:
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ

भगवान गणेश का बीज मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः॥

विघ्नहर्ता ध्यान मंत्र
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

कैसे करें मां लक्ष्मी को प्रसन्न?

  • दिवाली पर घर में स्वच्छता रखें।
  • मुख्य द्वार पर दीप जलाएं और सच्चे मन से मां लक्ष्मी की आराधना करें।
  • इसके अलावा सच्चे मन से दान करें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

 

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