दीपावली पर स्वाति नक्षत्र और सौभाग्य योग का महासंयोग, जानिए लक्ष्मी-गणेश पूजा का सटीक मुहूर्त
8 नवंबर को प्रदोष व्यापिनी अमावस्या में दीपावली का पर्व मनाया जाएगा, जिसमें मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान ...और पढ़ें

दीपावली पर स्वाति नक्षत्र और सौभाग्य योग का महासंयोग (AI Generated Image)
HighLights
दीपावली 8 नवंबर को प्रदोष व्यापिनी अमावस्या में मनाई जाएगी।
मां लक्ष्मी और गणेश की पूजा धन-समृद्धि व बुद्धि हेतु।
मिट्टी के दीपक शौर्य, पराक्रम और सकारात्मकता का संचार करते हैं।
जागरण संवाददाता, पटना। कार्तिक कृष्ण पक्ष की प्रदोष व्यापिनी अमावस्या में आठ नवंबर, रविवार को दीपोत्सव का प्रमुख पर्व दीपावली मनाया जाएगा। इस दिन सनातन धर्मावलंबी घरों से लेकर कार्यालयों, दुकानों और प्रतिष्ठानों तक में विधि-विधान से मां महालक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करेंगे।
सुख-समृद्धि, धन-वैभव और ऐश्वर्य की कामना के साथ कुबेर, सरस्वती, पंचदेवऔर नवग्रह का भी पूजन होगा। अमावस्या तिथि आठ नवंबर को सुबह 10:50 बजे प्रारंभ होकर नौ नवंबर, सोमवार को सुबह 11:20 बजे तक रहेगी।
दीपावली का पर्व स्वाति नक्षत्र, आयुष्मान योग और सौभाग्य योग के शुभ संयोग में मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों तुला राशि में रहेंगे।
शुभ ग्रह-नक्षत्रों के संयोग में लक्ष्मी-गणेश की पूजा, दीपदान, खरीदारी, निवेश और दान-पुण्य करना मंगलकारी माना गया है। इससे जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
लक्ष्मी से धन, गणेश से मिलेगी सिद्धि
पंडित गजाधर झा के अनुसार, दीपावली की रात्रि में मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा का विशेष धार्मिक, आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व है। मां लक्ष्मी धन-संपदा और वैभव की अधिष्ठात्री हैं, जबकि भगवान गणेश विघ्नहर्ता और सिद्धिदाता हैं।
लक्ष्मी के साथ गणेश की पूजा का भाव यही है कि जीवन में धन-संपत्ति के साथ बुद्धि, विवेक और सफलता भी बनी रहे। प्राप्त धन के सदुपयोग और उसकी निरंतर वृद्धि के लिए भी दोनों देवताओं की आराधना की जाती है।
दीप जलाने से बढ़ता है शौर्य और पराक्रम
ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने दीपावली पर मिट्टी के दीपक जलाने को विशेष महत्व दिया। उन्होंने कहा कि पंचतत्वों के समन्वय से तैयार मिट्टी का दीपक आध्यात्मिक दृष्टि से पवित्र माना जाता है।
मिट्टी में जल मिलाकर दीपक का आकार दिया जाता है, फिर उसे आकाश के नीचे वायु में सुखाकर अग्नि में पकाया जाता है। इस प्रकार इसके निर्माण में पंचमहाभूतों का प्रतीकात्मक समावेश होता है।
मान्यता है कि मिट्टी के दीपक जलाने से शौर्य और पराक्रम में वृद्धि होती है तथा घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता का संचार होता है।
दीपावली पूजा शुभ मुहूर्त:
| अमावस्या तिथि | सुबह 10:50 बजे से पूरे दिन |
| आयुष्मान योग | देर रात 04:02 बजे तक |
| अमृत मुहूर्त | सुबह 10:11 बजे से 11:33 बजे तक |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 11:11 बजे से 11:55 बजे तक |
| शुभ योग मुहूर्त | दोपहर 12:55 बजे से 02:18 बजे तक |
| स्थिर लग्न | दोपहर 01:23 बजे से शाम 02:18 बजे तक |
| कुंभ लग्न | मध्याह्न 01:00 बजे से 02:31 बजे तक |
| वृष लग्न | शाम 05:37 बजे से रात्रि 07:34 बजे तक |
| प्रदोष काल मुहूर्त | शाम 05:03 बजे से रात्रि 07:48 बजे तक |
| शुभ-अमृत-चर मुहूर्त | शाम 05:03 बजे से रात्रि 09:56 बजे तक |
| सिंह लग्न | मध्यरात्रि 12:05 बजे से देर रात 02:19 बजे तक |
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