दीवाली पर इन 3 चीजों के बिना क्यों नहीं आती मां लक्ष्मी, पढ़ें समुद्र मंथन से जुड़ा वो रहस्य जिससे पलटेगी किस्मत
दीवाली पूजा में कौड़ी, कमल और सुपारी का विशेष महत्व है, जो मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय हैं। समुद्र मंथन से जुड़े इनके महत्व से धन-समृद्धि और सुख-शांति आती है।
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पूजा में क्यों शामिल करते हैं कौड़ी, कमल और सुपारी? (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार देशभर में दीवाली (Diwali 2026) का पर्व 08 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां लक्ष्मी की पूजा करने से धन लाभ के योग बनते हैं और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। पूजा के दौरान विशेष चीजों को शामिल किया जाता है। इन्हीं में शामिल हैं कौड़ी, कमल और सुपारी।
ऐसा माना जाता है कि पूजा थाली में इन चीजों को शामिल करणे से धन की देवी मां लक्ष्मी और गणेश जी अपनी कृपा बरसाते हैं। अब ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर दीवाली की पूजा में कौड़ी, कमल और सुपारी का क्या महत्व है और इन्हें पूजा थाली में शामिल क्यों किया जाता है। आइए इस आर्टिकल में आपको इसके पीछे की वजह के बारे में बताते हैं।
कौड़ी
पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय जिस तरह माता लक्ष्मी प्रकट हुई थीं, उसी तरह कौड़ियां भी समुद्र से ही उत्पन्न हुई हैं। इसी वजह से मां लक्ष्मी को दीवाली की पूजा के दौरान कौड़ी अर्पित करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है और तिजोरी सदैव धन से भरी रहती है। इसलिए पूजा के दौरान देवी को कौड़ी चढ़ाने का विशेष महत्व है।
कमल का फूल
कमल के फूल का मां लक्ष्मी से गहरा संबंध माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान मां लक्ष्मी क्षीर सागर से कमल के फूल पर बैठकर प्रकट हुई थीं। इसलिए मां लक्ष्मी को कमल का फूल अत्यंत प्रिय है और कमल को उनका जन्मस्थान भी माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि दीवाली की पूजा के दौरान देवी को कमल का फूल चढ़ाने से धन-वैभव की कोई कमी नहीं होती है और साधक को जीवन में शुभ परिणाम मिलते हैं।
सुपारी
हिंदू धर्म की पूजा में सुपारी को विशेष रूप से शामिल किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सुपारी में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का वास माना जाता है। इसलिए सुपारी को दीवाली की पूजा में जरूर शामिल किया जाता है। सुपारी पर कलावा लपेटकर उसे स्थापित किया जाता है। ऐसा करने से घर में खुशियों का आगमन होता है और रुके हुए काम पूरे होते हैं।
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