Diwali 2026: पीली कौड़ियों से श्री यंत्र तक, लक्ष्मी पूजा पर जरूर शामिल करें 5 चीजें; सुख-समृद्धि से घर जाएगा घर
दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के दौरान घर में सुख-समृद्धि के लिए कुछ विशेष वस्तुएं रखना ...और पढ़ें
-1794105767912_m.webp)
दीपावली लक्ष्मी पूजा पर घर लाएं ये 5 शुभ चीजें सुख समृद्धि से भर जाएगा घर (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
श्री यंत्र मां लक्ष्मी से जुड़ा पवित्र और महत्वपूर्ण प्रतीक है
दक्षिणावर्ती शंख घर में शुभता और सकारात्मकता का संचार करता है
पीली कौड़ियों को धन और समृद्धि से जुड़ा माना गया है
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। दीवाली का त्योहार रोशनी, खुशियों और नई शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन लोग मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करके घर में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के दौरान कुछ विशेष वस्तुओं को घर में रखना भी शुभ माना जाता है।
श्री यंत्र, दक्षिणावर्ती शंख, पीली कौड़ियां, कछुआ और अष्टधातु ऐसी ही पांच चीजें हैं, जिन्हें धन, स्थिरता और सकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है। आइए जानते हैं इन वस्तुओं का धार्मिक महत्व और इन्हें दीपावली पर घर लाने की परंपरा के पीछे की मान्यता।
श्री यंत्र: मां लक्ष्मी से जुड़ा पवित्र प्रतीक
-1794106577908.webp)
(Picture Credit- AI Generated)
श्री यंत्र को हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक प्रतीक माना गया है। इसकी बनावट में आपस में जुड़े त्रिभुजों और ज्यामितीय आकृतियों का विशेष संयोजन होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्री यंत्र की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है। इसे पूजा स्थल पर स्थापित करके नियमित रूप से इसकी आराधना करने की परंपरा है।
दक्षिणावर्ती शंख: पूजा में विशेष महत्व
-1794106425476.webp)
(Picture Credit- AI Generated)
शंख का इस्तेमाल हिंदू धर्म में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान किया जाता है। इनमें दक्षिणावर्ती शंख को विशेष महत्व दिया गया है। इसकी बनावट सामान्य शंख से अलग होती है और इसे मां लक्ष्मी से संबंधित माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि घर के पूजा स्थल पर दक्षिणावर्ती शंख रखने से शुभता और सकारात्मकता का संचार होता है। दीपावली पर इसकी स्थापना को भी मंगलकारी माना जाता है।
पीली कौड़ियां: धन और समृद्धि से जुड़ी परंपरा

(Picture Credit- AI Generated)
पुराने समय में कौड़ियों का इस्तेमाल लेन-देन के लिए भी किया जाता था। धीरे-धीरे इनका संबंध धन और समृद्धि से जुड़ गया। धार्मिक मान्यताओं में पीली कौड़ियों को मां लक्ष्मी का प्रिय प्रतीक माना जाता है। दीपावली की पूजा में 11 या 21 पीली कौड़ियां रखने की परंपरा है। मान्यता है कि इन्हें पूजा स्थल पर रखने से घर में आर्थिक खुशहाली और धन की स्थिरता बनी रहती है।
कछुआ: धैर्य और स्थिरता का प्रतीक

(Picture Credit- AI Generated)
वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में कछुए को धैर्य, स्थिरता और लंबी अवधि की सफलता से जोड़कर देखा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान विष्णु ने समुद्र मंथन के दौरान कूर्म अवतार धारण किया था और अपनी पीठ पर मंदराचल पर्वत को सहारा दिया था। इसी वजह से कछुआ मजबूती और संरक्षण का प्रतीक माना जाता है। दीपावली पर धातु या क्रिस्टल से बना कछुआ घर लाने की परंपरा भी प्रचलित है।
अष्टधातु: आठ धातुओं का शुभ मेल

(Picture Credit- AI Generated)
अष्टधातु का नाम आठ अलग-अलग धातुओं के मिश्रण से बना है। हिंदू धार्मिक परंपरा में इसका विशेष स्थान माना जाता है। पूजा-पाठ में अष्टधातु से बनी मूर्तियां और दूसरी धार्मिक वस्तुएं रखने की परंपरा रही है। मान्यता है कि आठ धातुओं का यह मेल संतुलन, शुभता और समृद्धि का प्रतीक है। दीपावली पर अष्टधातु से बनी लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा घर लाना भी शुभ माना जाता है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।