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    श्रीमद् भागवत और श्रीमद् भगवद् गीता में क्या फर्क है? यहां जानिए दोनों ग्रंथों का महत्व

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 12:02 PM (IST)

    श्रीमद्भागवत और श्रीमद्भगवद्गीता (Shrimad Bhagwat And Shrimad Bhagavad Gita) हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण ग्रंथ हैं। श्रीमद्भागवत में विष्णु के अवतारों विशेषकर कृष्ण की लीलाओं का वर्णन है। वहीं श्रीमद्भगवद्गीता महाभारत का हिस्सा है जिसमें कृष्ण और अर्जुन के संवाद हैं। श्रीमद्भागवत भक्ति का मार्ग दिखाती है जबकि गीता जीवन की चुनौतियों का सामना करना सिखाती है।

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    Bhagavad Gita Vs Bhagwat: श्रीमद्भागवत और श्रीमद्भगवद्गीता में अंतर।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। श्रीमद्भागवत और श्रीमद्भगवद्गीता (Shrimad Bhagwat and Shrimad Bhagavad Gita) दोनों ही हिंदू धर्म के सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ हैं, लेकिन इनका स्वरूप और उद्देश्य अलग हैं। श्रीमद्भगवद्गीता महाभारत का एक हिस्सा है, जबकि श्रीमद्भागवत अठारह पुराणों में से एक है। ऐसे में आइए इनसे जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं, जो इस प्रकार हैं।

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    श्रीमद्भागवत और श्रीमद्भगवद्गीता में अंतर (Bhagavad Gita Vs Bhagwat)

    श्रीमद्भागवत

    श्रीमद्भागवत में 12 स्कंध और 18,000 श्लोक हैं। इसमें मुख्य रूप से भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों, विशेषकर भगवान श्री कृष्ण की जीवन लीलाओं, कहानियों और चमत्कारों का विस्तार से वर्णन करता है। यह भक्ति योग पर केंद्रित है और भक्तों के जीवन को प्रेरणा देता है। इसका उद्देश्य भगवान की लीलाओं के माध्यम से भक्ति के महत्व को समझाना है।

    श्रीमद्भगवद्गीता

    श्रीमद्भगवद्गीता महाभारत के भीष्म पर्व का एक छोटा हिस्सा है, जिसमें 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं। यह भगवान श्री कृष्ण और अर्जुन के बीच कुरुक्षेत्र के युद्ध भूमि में हुए संवाद का संग्रह है। गीता का मुख्य विषय धर्म, कर्म, ज्ञान, भक्ति और योग के सिद्धांतों पर आधारित है। यह जीवन से जुड़े प्रश्नों का समाधान देता है।

    प्रमुख बातें

    श्रीमद्भागवत की रचना महर्षि वेदव्यास ने की थी और इसे उनके पुत्र शुकदेव गोस्वामी ने राजा परीक्षित को सुनाया था। यह एक कथा के रूप में है, जिसमें भगवान के भक्तों की गाथाएं भी शामिल हैं।

    श्रीमद्भगवद्गीता साक्षात भगवान श्री कृष्ण की वाणी है, जो उन्होंने युद्ध के मैदान में अर्जुन को ज्ञान के रूप में दी थी। यह एक सीधा संवाद है, जिसमें अर्जुन के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कृष्ण ने जीवन के बड़े से बड़े रहस्यों को समझाया था।

    श्रीमद्भागवत का महत्व

    यह ग्रंथ भक्ति का मार्ग दिखाता है, जिससे लोगों यह सीखने को मिलता है कि भगवान के प्रति प्रेम और समर्पण कैसे करना है। इसकी कथाओं को सुनने से मन शुद्ध होता है और जीवन से नकारात्मकता दूर होती है। साथ ही मोक्ष की प्राप्ति होती है।

    श्रीमद्भगवद्गीता का महत्व

    गीता हमें जीवन की चुनौतियों का सामना करना सिखाती है। यह कर्म करने पर जोर देती है, जहां व्यक्ति फल की चिंता किए बिना अपना कर्तव्य निभाता है। यह आत्मज्ञान, योग और जीवन जीने की कला का मार्गदर्शक है। इसके अलावा गीता का ज्ञान हमें आत्मविश्वास देता है और हमें सही और गलत के बीच फर्क करने की क्षमता प्रदान करता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।