विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chhath Puja 2023: इस दिन से शुरू हो रहा है छठ पूजा का पर्व, भूलकर भी न करें ये गलतियां

By Suman SainiEdited By: Suman Saini
Published: Tue, 14 Nov 2023 12:06 PM (IST)

Chhath Puja 2023 Date हर साल कार्तिक माह में पड़ने वाली शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ पूजा का ...और पढ़ें

Chhath Puja 2023 इस दिन से शुरू हो रहा है छठ पूजा पर्व, भूलकर भी न करें ये गलतियां।
Chhath Puja 2023 इस दिन से शुरू हो रहा है छठ पूजा पर्व, भूलकर भी न करें ये गलतियां।

HighLights

  1. कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की षष्ठी की जाता है छठ का पर्व।
  2. छठ पूजा के दौरान की जाती है छठी मैया की पूजा।
  3. जानिए, छठ पूजा के दिन कौन-से कार्य नहीं करने चाहिए।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Chhath Puja 2023: छठ पूजा को एक बहुत ही पवित्र त्योहार माना गया है। यह त्योहार सूर्यदेव और षष्ठी माता जिन्हें छठी माता भी कहा जाता है, को समर्पित माना गया है। छठी मैया को संतानों की रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। खासकर उत्तर भारत और बिहार में छठ पूजा का उत्साह अधिक देखने को मिलता है। नहाय खाय से छठ पूजा पर्व की शुरुआत मानी जाती है।

इस दिन से शुरू हो रहा है छठ महापर्व

नहाय खाय का दिन - नहाय खाय 17 नवंबर 2023, शुक्रवार के दिन किया जाएगा।

खरना की तारीख - खरना 18 नवंबर 2023, शनिवार के दिन है।

छठ पूजा का संध्या अर्घ्य - छठ पूजा का संध्या अर्घ्य 19 नवंबर को दिया जाएगा।

प्रसाद बनाते समय ध्यान रखें ये बातें

छठ पूजा में पवित्रता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है। ऐसे में छठ पूजा का प्रसाद बनाते समय इसे भूलकर भी इसे जूठा न करें, साथ ही इसे बनाने से पहले कुछ भी नहीं खाना चाहिए। अपनी स्वच्छता का पूर्ण रूप ले ध्यान रखें। साथ ही प्रसाद बनाने वाली जगह भी एक दम साफ होनी चाहिए।

यह भी पढ़ें - Bhai Dooj 2023: यमराज ने अपनी बहन यमुना को दिया था यह वचन, पढ़िए भाई दूज की कथा

छठ पूजा में इन बातों का रखें ध्यान

ध्यान रहे कि छठ पूजा का प्रसाद बनाते समय चांदी, स्टील और प्लास्टिक के बर्तनों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसके स्थान पर मिट्टी के चूल्हे और बर्तनों का ही इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है।

जान लें व्रत के नियम

छठ पर्व पूजा के दौरान व्रत रहे साधक को सूर्य देव को अर्घ्य देने से पहले किसी चीज का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही व्रत करने वाले साधक को इस दौरान जमीन पर सोना चाहिए। इसके साथ ही छठ पूजा से करीब 10 दिन पहले से ही अरवा चावल और सेंधा नमक का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

WhatsApp पर हमसे जुड़ें. इस लिंक पर क्लिक करें

डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'