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चाणक्य नीति: हर बात पर 'हां' बोलना बन सकता है बर्बादी का कारण! इन 5 मौकों पर 'ना' कहना है समझदारी

Published: Tue, 27 Oct 2026 04:24 PM (IST)

आचार्य चाणक्य के अनुसार, हर बात पर 'हां' कहना हमेशा सही नहीं होता और यह बर्बादी का कारण बन सकता ...और पढ़ें

चाणक्य नीति: इन 5 स्थितियों में 'ना' कहना है समझदारी (Picture Credit: AI Generated)

चाणक्य नीति: इन 5 स्थितियों में 'ना' कहना है समझदारी (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. गलत काम और अन्याय के लिए तुरंत 'ना' कहें।

  2. झूठ या चोरी में साथ देने से हमेशा बचें।

  3. बिना वजह फायदा उठाने वालों को तुरंत 'ना' बोलें।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। कई बार लोग किसी दबाव में आकर या फिर किसी को कोई बात बुरी न लगे ऐसा सोचकर हर बात के लिए हां बोल देते हैं। ऐसा करना हर बार सही नहीं होता है। कभी-कभी आपकी बेवजह हां आपको परेशानी में भी डाल सकती है।

आपके जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां आती हैं जब आपको किसी को ना बोलना चाहिए, नहीं तो आपके लिए समस्याएं आ सकती हैं। आचार्य चाणक्य की कई नीतियां आज के जीवन में भी प्रासंगिक हैं और जीवन जीने के सही ढंग को बताई हैं। आइए आपको बताते हैं उनके अनुसार किन परिस्थितियों में आपका ना बोलना ही ठीक माना जाता है।

गलत काम या अन्याय के समय

अगर कोई व्यक्ति आपको किसी गलत काम के लिए उकसा रहा है या फिर अन्याय के लिए आगे आने को बोल रहा हो। ऐसे समय में आपको किसी बात का दबाव महसूस किए बिना ही तुरंत ना कहना चाहिए।

आचार्य चाणक्य बताते हैं कभी भी आपको किसी अपने या पराए के दबाव में गलत का साथ नहीं देना चाहिए। अगर आप गलत का साथ देते हैं, तो आप उस व्यक्ति के समान ही उस गलती में हिस्सेदार बनाते हैं।

कोई झूठ बोलने के लिए प्रेरित करे

ऐसा कहा जाता है कि आपको मजाक में भी कभी झूठ नहीं बोलना चाहिए। अगर कोई आपको झूठ बोलने के लिए उकसा रहा है तो आपको उसे तुरंत न कहना चाहिए। आचार्य चाणक्य बताते हैं झूठ का साथ देने वाला और स्वयं भी झूठ बोलने वाला किसी अपराध में बराबर का हिस्सेदार होता है। ऐसी जगह पर मौन रहना या झूठ का साथ देना नीतियों के अनुकूल नहीं माना जाता है।

कोई चोरी के लिए प्रेरित करे

अगर आपको कोई भी किसी तरह की चोरी की सलाह दे तो आपको भूलकर भी हां नहीं करना चाहिए। आपको ऐसी जगह पर सीधे ही न बोलना चाहिए। आचार्य चाणक्य बताते हैं कि चोरी में किसी भी तरह का साथ देने वाला व्यक्ति भी बराबर का हिस्सेदार माना जाता है और वो खुद ही अपनी बर्बादी का कारण बन सकता है।

जब कोई आपका बिना वजह फायदा उठाए

जब कोई आपका बिना वजह फायदा उठा रहा हो तब आपको उसे ना कहना चाहिए। आचार्य चाणक्य बताते हैं कि ऐसे परिस्थिति में हां कहने वाला व्यक्ति मूर्ख व्यक्ति के समान होता है। जानबूझकर आपका गलत फायदा उठाने वाले का साथ आपको कभी भी नहीं देना चाहिए।

जब कोई जबरदस्ती की जिम्मेदारी दे

अगर आपको ऐसा लगता है कि सामने वाला आपको बेवजह कोई जिम्मेदारी दे रहा है और आप उसका पालन नहीं करना चाहते हैं, तो आप तुरंत ना कहें। आचार्य चाणक्य बताते हैं कि ऐसी कोई भी जिम्मेदारी जो आपको अपने अनुकूल न लगे उसके लिए आपको कभी हां नहीं करना चाहिए।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।