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चाणक्य नीति: इन 5 लोगों को भूलकर भी न दें उधार, डूब जाएगा आपका पूरा पैसा

Published: Thu, 29 Oct 2026 06:59 PM (IST)

आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में बताया है कि किन लोगों को उधार नहीं देना चाहिए ताकि आपका पैसा न डूबे।

चाणक्य नीति: इन 5 लोगों को उधार देने से बचें (Picture Credit: AI Generated)

चाणक्य नीति: इन 5 लोगों को उधार देने से बचें (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. धोखेबाज व्यक्ति को उधार देने से बचें, पैसा वापस नहीं मिलेगा।

  2. लालची और मूर्ख व्यक्ति को कभी भी पैसा न दें।

  3. अहंकारी और झूठे व्यक्ति से आर्थिक लेन-देन में सावधानी बरतें।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में ऐसी कई शिक्षाएं दी हैं जो आज के युग में प्रासंगिक हैं। यही नहीं अगर लोग उनका पालन करते हैं जो जीवन में कभी धोखा नहीं खा सकते हैं। ऐसे ही आचार्य चाणक्य बताते हैं कि कई बार जीवन में हम कुछ ऐसे निर्णय कर लेते हैं जिनसे आगे के समय में कई तरह के नुकसान झेलने पड़ सकते हैं।

उन्हीं में से हैं किसी भी व्यक्ति को बिना सोचे समझे उधार देना। अक्सर लोग जब किसी को उधार देते हैं तब यही उम्मीद करते हैं कि वो अपनी सुविधानुसार जल्द ही उनका पैसा वापस कर देगा, लेकिन कई बार पैसा कभी वापस नहीं मिलता है।

आचार्य चाणक्य बताते हैं कि व्यक्ति को कुछ लोगों को बोलकर भी पैसा उधार नहीं देना चाहिए, नहीं तो आपकी मेहनत की कमाई कभी वापस नहीं मिलेगी। आइए आपको बताते हैं उनेक बारे में।

धोखा देने वाले व्यक्ति को

आचार्य चाणक्य बताते हैं कि जो व्यक्ति कभी किसी भी भी पहले धोखा दे चुका हो उसको अगर आप पैसा उधार में देते हैं, तो आपका पैसा कभी वापस नहीं मिलेगा।

ऐसा व्यक्ति अपनी ही बातों से मुकर सकता है और उससे आपको पैसा वापस मिलने की उम्मीद भी नहीं करनी चाहिए। कभी भी आप किसी को भी पैसा उधार में देने से पहले उसके व्यवहार और पुराने लेन-देन के बारे में जानकारी जरूर लें।

लालची व्यक्ति को

लालची व्यक्ति किसी के भी धन को अपना मान बैठता है। आपको उससे हमेशा बचकर ही रहना चाहिए। आप ऐसे व्यक्ति को पैसा उधार देने से पहले कई बार सोच लें, तभी बेहतर होता है। आचार्य चाणक्य बताते हैं कि लालच इंसान को अपने फायदे के लिए दूसरों की परेशानी नजरअंदाज करने पर मजबूर कर सकता है और ऐसे में वो व्यक्ति आपसे लिए हुआ धन वापस भी नहीं करता है।

मूर्ख या अज्ञानी व्यक्ति को

मूर्ख या अज्ञानी व्यक्ति आपसे लिए हुए उधार के पैसे को तुरंत ही खर्च कर देता है और उधार का पैसा वापस करने में असमर्थ होता है। ऐसे व्यक्ति को आप भूलकर भी पैसा उधार न दें, नहीं तो आपका पैसा कभी वापस नहीं मिलेगा। आचार्य चाणक्य के अनुसार, मूर्ख व्यक्ति को आर्थिक मामलों को गंभीरता से लेने की समझ ही नहीं होती है जिससे वो किसी के भी पैसे की सुरक्षा नहीं कर पाता है।

अहंकारी व्यक्ति को

अहंकार व्यक्ति को अपनी गलतियां स्वीकार करने और दूसरों के प्रति जिम्मेदारी निभाने से रोक सकता है। अहंकारी स्वभाव का व्यक्ति उधार लेने के बाद भी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं लेता है।

आपके लिए किसी को भी पैसा देने से पहले यह देखना जरूरी है कि वह आपके भरोसे और सहयोग का सम्मान करता है या नहीं। आचार्य चाणक्य के अनुसार, आपको अहंकारी व्यक्ति को पैसे उधार देने से हमेशा बचना चाहिए।

झूठ बोलने वाले व्यक्ति को

आचार्य चाणक्य बताते हैं कि आपको झूठ बोलने वाले व्यक्ति के साथ किसी भी तरह के आर्थिक लेन-देन में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसा व्यक्ति कब आपके पैसे लेकर मुकर जाए पता ही नहीं चलता है। झूठा व्यक्ति कई बार जानबूझकर झूठ भूल सकता है और आपके दिए हुए पैसों को स्वीकार ही नहीं करता है।

अगर आप भी किसी व्यक्ति को पैसे उधार में देने जा रहे हैं, तो ध्यान रखें उसमें ऐसे कोई गुण मौजूद न हों, नहीं तो आपका पैसा वापस नहीं मिलेगा।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।