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भाई दूज पर बहनें अपने भाई को क्यों देती हैं गोला? यमराज से जुड़ा है इसका सदियों पुराना गहरा राज

Published: Sat, 07 Nov 2026 04:30 PM (GMT+05:30)

भाई दूज पर बहनें अपने भाई को तिलक कर लंबी उम्र की कामना करती हैं और उन्हें सूखा गोला भेंट ...और पढ़ें

बहन अपने को भाई को क्यों देती हैं गोला? (Picture Credit: AI Generated)

बहन अपने को भाई को क्यों देती हैं गोला? (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. बहनें भाई को तिलक कर लंबी उम्र की कामना करती हैं।

  2. भाई दूज पर सूखा गोला भेंट करने की परंपरा है।

  3. यह परंपरा यमराज और यमुना की पौराणिक कथा से जुड़ी है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। गोवर्धन पूजा के ठीक अगले दिन भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक 'भाई दूज' (Bhai Dooj 2026) का पर्व मनाया जाता है। इस अवसर पर बहनें अपने भाई का तिलक करती हैं और उनकी लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की मंगलकामना करती हैं। तिलक की थाली में कुछ विशेष चीजों को शामिल करने का बड़ा महत्व है। तिलक के बाद बहनें अपने भाई की हथेली पर गोला जरूर रखती हैं।

गोले के बिना भाई दूज का पर्व अधूरा माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर भाई दूज के दिन बहनें अपने भाई को गोला क्यों देती हैं? अगर नहीं, तो आइए इस आर्टिकल में जानते हैं इसके पीछे की पौराणिक कथा और रहस्य।

क्या है गोला देने का रहस्य?

पौराणिक कथा के अनुसार, यमराज और यमुना भगवान सूर्यदेव व देवी छाया की संतान हैं। दोनों भाई-बहन के बीच अपार स्नेह था, लेकिन यमराज अपने दायित्वों में इतने व्यस्त रहते थे कि उन्हें यमुना से मिलने का समय ही नहीं मिल पाता था। लंबे समय तक भाई के न आने की वजह से यमुना उनसे रूठ गईं।

इसके बाद एक बार कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर यमराज अचानक अपनी बहन यमुना के घर पहुंचे। अपने भाई को देखकर यमुना बेहद प्रसन्न हुईं। उन्होंने यमराज का आदर-सत्कार किया, उन्हें भोजन कराया और विदाई के समय प्रेमपूर्वक सूखा गोला भेंट किया। जब यमराज ने सूखा गोला देने की वजह पूछी, तो यमुना ने कहा कि यह नारियल आपको हमेशा मेरी याद दिलाता रहेगा।

इसके साथ ही यमुना ने भाई से यह वचन भी लिया कि वे चाहे जितने भी व्यस्त रहें, हर वर्ष इस तिथि पर उनसे मिलने जरूर आएंगे। यमराज ने अपनी बहन को यह वचन दे दिया। माना जाता है कि उसी दिन से 'भाई दूज' की यह पावन परंपरा शुरू हुई, जहां भाई अपनी बहन के घर तिलक करवाने पहुंचते हैं और बहनें उन्हें प्रेम व लंबी उम्र के प्रतीक के रूप में नारियल का गोला भेंट करती हैं।

भाई दूज 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Bhai Dooj 2026 Date and Shubh Muhurat)

कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि की शुरुआत- 10 नवंबर को दोपहर 02 बजे
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि का समापन- 11 नवंबर को दोपहर 03 बजकर 53 मिनट पर
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार भाई दूज का पर्व 11 नवंबर को मनाया जाएगा।
तिलक करने का मुहूर्त- दोपहर 01 बजकर 10 मिनट से 03 बजकर 20 मिनट तक है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

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