विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पूजा के लिए क्यों सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं चांदी के पात्र, कलश और थाल? इसका धार्मिक महत्व यहां पढ़ें

Published: Mon, 14 Sep 2026 02:53 PM (IST)Updated: Mon, 14 Sep 2026 02:57 PM (IST)

घर के मंदिर में चांदी के बर्तनों का इस्तेमाल शुभ क्यों माना जाता है? जानिए पूजा-पाठ में चांदी के बर्तन इस्तेमाल करने का महत्व।

पूजा में चांदी के बर्तनों का महत्व (AI-Generated Image)

पूजा में चांदी के बर्तनों का महत्व (AI-Generated Image)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आपने अपने घरों में देखा होगा कि मंदिर में पीतल या तांबे के बर्तनों का ही इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन, कुछ लोग भगवान को जल चढ़ाने, भोग या पंचामृत अर्पित करने के लिए खासतौर पर चांदी के बर्तनों का इस्तेमाल करते हैं।

चांदी की कीमत भले महंगी होती है लेकिन, पूजा-पाठ में इसे बहुत ज्यादा शुभ और पवित्र माना गया है। आइए इस आर्टिकल में समझते हैं कि भगवान की आराधना के लिए चांदी के बर्तन इस्तेमाल करने के पीछे का प्रमुख कारण क्या है।

चंद्रमा से गहरा जुड़ाव

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चांदी को एक बेहद शुद्ध और सात्विक धातु का दर्जा दिया गया है। ज्योतिष शास्त्र में इसका सीधा संबंध चंद्रमा से माना गया है। चंद्रमा को मन, शांति और सौम्यता का प्रतीक कहा गया है। यही वजह है कि जब हम चांदी के बर्तनों में भगवान को प्रसाद या जल चढ़ाते हैं, तो वह प्रसाद ग्रहण करने से हमें भी मानसिक शांति, भावनात्मक स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

चांदी की तासीर प्राकृतिक रूप से ठंडी मानी गई है। पूजा में जल के अलावा दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत) का बहुत इस्तेमाल होता है। जब इन चीजों को चांदी के बर्तन में रखा जाता है, तो इनमें भी शीतलता आ जाती है। चांदी की खूबी है कि यह जल्दी अशुद्ध (जूठी) नहीं होती, जिससे भगवान का भोग लंबे समय तक पवित्र बना रहता है।  

पूजा में किन कामों के लिए इस्तेमाल होती है चांदी?

  • भोग और पंचामृत के लिए चांदी की कटोरी
  • जलाभिषेक के लिए चांदी का लोटा
  • शुद्ध जल रखने के लिए चांदी का गिलास या पात्र
  • रोली, कुमकुम, चंदन और अक्षत के लिए चांदी की छोटी थाली
  • पूजा के आचमन के लिए चांदी का पंचपात्र और आचमनी (चम्मच)
  • मंदिर की आरती के लिए चांदी का दीपक और घंटी

शास्त्रों में इसका क्या महत्व है?

सिर्फ धर्म ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद में भी चांदी के ढेरों फायदों का जिक्र है। आयुर्वेद के अनुसार, चांदी बीमारियों को दूर करने वाली और शरीर को ठंडक देने वाली धातु है। इसमें रखा जल पीने से शरीर को शांति मिलती है। शास्त्रों में भी बताया गया है कि चांदी के बर्तन में भोग लगाने से माता लक्ष्मी बहुत प्रसन्न होती हैं।

 यह भी पढ़ें- पूजा-पाठ में सबसे ज्यादा गेंदे के फूलों का इस्तेमाल क्यों होता है, इसके पीछे क्या कारण हैं?

यह भी पढ़ें- बच्चे के जन्म के बाद घर में क्यों लगता है सूतक? पूजा-पाठ और मंदिर जाने के जरूरी नियम यहां पढ़ें

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।