विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Anant Chaturdashi 2026: थाली में न परोसें ये 4 चीजें, जान लें व्रत के कड़े नियम वरना टूट सकता है आपका उपवास

Published: Fri, 25 Sep 2026 11:50 AM (IST)

अनंत चतुर्दशी व्रत के दौरान भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए सही नियम जानना बहुत जरूरी है। जानिए आज ...और पढ़ें

अनंत चतुर्दशी पर इन चीजों का न करें सेवन (AI-Generated Image)

अनंत चतुर्दशी पर इन चीजों का न करें सेवन (AI-Generated Image)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी, अनंत चतुर्दशी के रूप में मनाई जाती है। इस दिन दो कारणों से खास माना जाता है। एक तो आज के दिन बप्पा की विदाई के साथ गणेशोत्सव का समापन होता है, वहीं दूसरी ओर भगवान विष्णु के 'अनंत' स्वरूप की पूजा का विधान है।

मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने भी अपना खोया हुआ राजपाट वापस पाने के लिए महर्षि वेदव्यास के निर्देश पर यह सात्विक व्रत रखा था।

व्रत में खान-पान के नियम

अक्सर लोग पूजा-पाठ तो पूरे मन से करते हैं, लेकिन खान-पान के नियमों में चूक कर बैठते हैं। यह व्रत सिर्फ भूखे रहने का नहीं है, बल्कि अपने स्वाद पर संयम का भी है। इसलिए, व्रत के दिन इन 4 सफेद चीजों से पूरी तरह दूरी बनानी चाहिए:

चावल: पूजा में श्रीहरि को अक्षत (चावल) जरूर चढ़ाएं, लेकिन फलाहार में इसे बिल्कुल शामिल न करें। चतुर्दशी के दिन चावल खाना शास्त्रों में वर्जित माना गया है।

सफेद नमक: सादा नमक खाने से व्रत तुरंत खंडित माना जाता है। अगर तबीयत सही नहीं है तो शाम की पूजा के बाद मामूली मात्रा में केवल सेंधा नमक का सेवन कर सकते हैं।

कच्चा दूध और बाजार की मिठाई: विष्णु जी के अभिषेक में इस्तेमाल होने वाले कच्चे दूध को खुद पीने से मना किया जाता है। साथ ही, बाजार की सफेद मिठाइयों (जैसे पेड़ा या रसगुल्ला) में मिलावट होता है, इसलिए इन्हें भी न खाएं।

दही: भगवान के पंचामृत में दही का इस्तेमाल होता है, लेकिन व्रती (व्रत रखने वाला इंसान) को इसे खाने से बचना चाहिए। दही शरीर में कफ और आलस बढ़ाता है और व्रत में सात्विकता जरूरी है।

व्रत में क्या खा सकते हैं?

व्रत में ताजे फल, मखाने, सूखे मेवे या सिंघाड़े के आटे से बनी चीजें खाना सबसे सुरक्षित और फलदायी माना गया है।

पूजा के शुभ मुहूर्त

भगवान विष्णु की पूजा के लिए सुबह 06:11 बजे से रात 11:06 बजे तक का समय शुभ है। लेकिन, इसके अलावा भी कुछ विशेष मुहूर्त हैं जिनमें आप पूजा कर सकते हैं:

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:35 से 05:23 तक

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 से दोपहर 12:37 तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:13 से 03:01 तक

गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:14 से 06:38 तक

यह भी पढ़ें- अनंत चतुर्दशी 2026: सूत या रेशम? भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए किस धागे से बनाएं अनंत सूत्र?

यह भी पढ़ें- अनंत चतुर्दशी 2026: आज बप्पा की विदाई के दिन कलाई पर बांधें 14 गांठों का अनंत सूत्र, संवर जाएगी आपकी किस्मत

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।