यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ahoi Ashtami 2025 Daan: अहोई अष्टमी के दिन करें इन चीजों का दान, संतान को मिलेगी तरक्की
अहोई अष्टमी का व्रत बहुत शुभ माना है। यह दिन संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए किया जाता ...और पढ़ें

Ahoi Ashtami 2025 Daan: अहोई अष्टमी का दान।
HighLights
अहोई अष्टमी का व्रत बहुत शुभ माना जाता है।
इस साल यह पर्व 13 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अहोई अष्टमी का व्रत बहुत फलदायी माना जाता है। इसे 'अहोई आठे' भी कहा जाता है। यह व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। यह व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए करती हैं। इस साल अहोई अष्टमी का पावन पर्व 13 अक्टूबर को मनाया जाएगा।इस दिन व्रत और पूजा-पाठ के साथ-साथ दान का भी विशेष महत्व होता है, तो आइए यहां जानते हैं कि इस दिन क्या दान (Ahoi Ashtami 2025 Daan) करना शुभ माना जाता है?
-1760170105150.jpg)
अन्न और वस्त्र का दान
किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को गेहूं, चावल, या किसी भी अनाज का दान करें। साथ ही, बच्चों के लिए नए कपड़े दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है।
दूध और सफेद मिठाई
अहोई अष्टमी के दिन सफेद वस्तुओं का दान करना बहुत फलदायी माना जाता है। ऐसे में किसी मंदिर या गरीब को दूध, दही, चीनी, या सफेद रंग की मिठाई का दान करें। ऐसा करने से जीवन में भौतिक सुख-सुविधाएं की कमी नहीं होती है।
फल और गुड़
इस पावन दिन पर संतान की शिक्षा और करियर में उन्नति के लिए गुड़ और पीले रंग के फल का दान करें।
गुड़ का दान करने से कुंडली में सूर्य मजबूत होता है, जिससे संतान में नेतृत्व क्षमता, मान-सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ता है।
दक्षिणा का दान
अहोई अष्टमी किसी ब्राह्मण को धन का दान जरूर करें। इस दान से संतान को बड़ों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे उसकी प्रगति और सुरक्षा होती है। इसके साथ ही जीवन सुख-समृद्धि और उन्नति से भरा रहता है।
यह भी पढ़ें- Diwali 2025: दीवाली पर राशि अनुसार करें इन चीजों का दान, हो जाएंगे धनवान
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
