Aaj ka Panchang 25 May 2025: मासिक शिवरात्रि पर बन रहे कई शुभ-अशुभ योग, पंचांग से जानें मुहूर्त
ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि और रविवार का दिन है। आज मासिक शिवरात्रि भी है। इस तिथि में मध्य रात्रि को शिव जी की पूजा करने से मनोवांछित फल मिलते हैं और साधक के जीवन में धन-धान्य की कमी नहीं होती। चलिए पंडित आनंद सागर पाठक से जानते हैं आज का पंचांग।

आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। आज यानी 25 मई रविवार के दिन ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। आज के दिन मासिक शिवरात्रि का शुभ अवसर भी है। पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी 25 मई को दोपहर 3 बजकर 51 मिनट से लेकर 26 मई को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट तक रहेगी।
वास्तव में मासिक शिवरात्रि की पूजा मध्य रात में की जाती है। लिहाजा, ऐसे में ज्येष्ठ माह की मासिक शिवरात्रि का व्रत रविवार 25 मई को किया जाएगा। पूजा का मुहूर्त रात 11 बजकर 58 मिनट से रात 12 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। भगवान शिव का अभिषेक आप दूध, दही और गंगाजल से कर सकते हैं।
मासिक शिवरात्रि पर गन्ने के रस से भी शिवलिंग का अभिषेक कर सकते हैं। इसके बाद शिव पंचाक्षर मंत्र, शिव चालीसा या शिव जी की आरती करें। पंचांग के अनुसार, इस तिथि पर बहुत से शुभ और अशुभ योग बन रहे हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं आज का (Aaj ka Panchang 25 May 2025) पंचांग।
आज का पंचांग (Panchang 25 May 2025)
ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की तिथि- त्रयोदशी दोपहर 03:51 बजे तक
संवत् - 2082
नक्षत्र - अश्विनी
योग - सौभाग्य प्रात: 11:07 बजे तक
करण- वणिज दोपहर 03:51 बजे तक, विष्टि प्रात: 02:01, 26 मई
वार - रविवार
ऋतु - ग्रीष्म
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय- सुबह 5 बजकर 26 मिनट पर
- सूर्यास्त- शाम 7 बजकर 11 मिनट पर
- चंद्रोदय- सुबह 04 बजकर 16 मिनट पर, 26 मई
- चंद्रास्त- शाम 05 बजकर 22 मिनट पर, 26 मई
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त - प्रात: 11:51 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक
अशुभ समय
- राहुकाल - शाम 05:28 बजे से शाम 07:11 बजे तक
- गुलिक काल - दोपहर 03:45 बजे से दोपहर 05:28 बजे तक
- यमगंडा - दोपहर 12:18 बजे से दोपहर 02:01 बजे तक
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आज के नक्षत्र के बारे में जानिए
आज चंद्रदेव अश्विनी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। अश्विनी नक्षत्र प्रात: 11:12 बजे तक रहेगा।
सामान्य विशेषताएं: इस नक्षत्र में जन्मे जातक साहसी, यात्रा करने का शौकीन, सुंदर, मजबूत, स्वस्थ, साहसी, भावुक, अधीर, आक्रामक और कभी-कभी चिड़चिड़े होते हैं।
शासक ग्रह: केतु
राशि स्वामी: मंगल
देवता: अश्विनी कुमार
प्रतीक: घोड़े का सिर
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