Aaj ka Panchang 23 May 2025: अपरा एकादशी पर शुक्रवार को बन रहे कई शुभ-अशुभ योग, पंचांग से जानें मुहूर्त
ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि और शुक्रवार का दिन है। इस एकादशी को अचला अपरा और जलक्रीड़ा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। कहते हैं कि अपरा एकादशी का व्रत करने से सभी कष्टों का नाश होता है। चलिए पंडित आनंद सागर पाठक से जानते हैं आज का पंचांग।

आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। आज यानी 23 मई शुक्रवार के दिन ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। आज के दिन भगवान श्रीहरि की पूजा-अर्चना करके सर्वमंगल की कामना की जाती है। एकादशी तिथि गुरुवार की रात्रि 8:24 बजे से प्रारंभ होकर शुक्रवार की शाम 6:11 बजे तक रहेगी।
कहते हैं कि युधिष्ठिर के आग्रह पर भगवान श्रीकृष्ण ने अचला एकादशी व्रत का महत्व बताया था। इसके बाद पांडवों ने अपरा एकादशी का व्रत किया और इसके प्रभाव की वजह से ही महाभारत का युद्ध जीता था। अपरा एकादशी पर भगवान विष्णु का पूजन करने से सुख-समृद्धि और लक्ष्मी की प्राप्ति भी होती है।
आज के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को तुलसी के पत्ते रखकर फल और मिठाई का भोग लगाएं। इससे मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है और घर में धन-धान्य की कमी नहीं होती है। पंचांग के अनुसार, इस तिथि पर बहुत से शुभ और अशुभ योग बन रहे हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं आज का (Aaj ka Panchang 23 May 2025) पंचांग।
आज का पंचांग (Panchang 23 May 2025)
ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की तिथि- एकादशी रात्रि 10:29 बजे तक।
संवत् - 2082
नक्षत्र - उत्तरा भाद्रपद
योग - प्रीति शाम 06:37 बजे तक
करण- बव प्रात: 11:54 बजे तक, बालव रात्रि 10:29 बजे तक
वार - शुक्रवार
ऋतु - ग्रीष्म
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय- सुबह 5 बजकर 26 मिनट पर
- सूर्यास्त- शाम 7 बजकर 10 मिनट पर
- चंद्रोदय- 02 बजकर 23 मिनट पर
- चंद्रास्त- 03 बजकर 03 मिनट पर दोपहर, 24 मई
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त - प्रात: 11:51 बजे से दोपहर 12:45 सुबह तक
अशुभ समय
राहुकाल - प्रात: 10:35 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक
गुलिक काल - प्रात: 07:09 बजे से प्रात: 08:52 तक
यमगंडा - दोपहर 03:44 बजे से शाम 05:27 बजे तक
यह भी पढ़ें- Apara Ekadashi पर भगवान कृष्ण के इन मंत्रों का करें जप, दूर होंगी धन की मुश्किलें
आज के नक्षत्र के बारे में जानिए
आज चंद्रदेव उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र शाम 04:02 बजे तक रहेगा।
सामान्य विशेषताएं: इस नक्षत्र में जन्मे जातक शांत स्वभाव, आत्मनिरीक्षण, एकांत प्रिय, स्वतंत्रता प्रिय, कलाप्रिय, तर्कशील, कूटनीतिक, क्रोध, ईर्ष्या, अंतर्मुखी होते हैं।
नक्षत्र स्वामी: शनि
राशि स्वामी: बृहस्पति
देवता: अहीर बुधनिया (जल ड्रैगन)
प्रतीक: शव वाहन (शव ले जाने वाला वाहन)
यह भी पढ़ें- Urvashi Mandir: कहां स्थित है उर्वशी मंदिर? भगवान विष्णु से जुड़ा है नाता
यह दैनिक पंचांग Astropatri.com के सौजन्य से प्रस्तुत है। सुझाव और प्रतिक्रियाओं के लिए hello@astropatri.com पर ईमेल करें।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।